पटवारियों की पदोन्नति से जुड़ी विभागीय परीक्षा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट हो गई है। कर्मचारी चयन मंडल ESB की ओर से वर्ष 2026 में होने वाली विभागीय नायब तहसीलदार परीक्षा की प्रक्रिया तय की गई है। इससे विभाग में काम कर रहे पात्र पटवारियों के लिए पदोन्नति का रास्ता खुल सकेगा। संघ की ओर से लंबे समय से विभागीय परीक्षा कराने की मांग उठाई जा रही थी। शासन की ओर से इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने को आंदोलन स्थगित करने के प्रमुख कारणों में माना जा रहा है।
पटवारियों के खिलाफ शिकायतों और FIR को लेकर भी राजस्व विभाग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अब किसी पटवारी के खिलाफ शिकायत मिलने पर सीधे कानूनी कार्रवाई करने के बजाय पहले प्रारंभिक जांच की जाएगी। जांच में यदि शिकायत में लगाए गए आरोपों के तथ्य सही पाए जाते हैं तभी आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी कर्मचारी के खिलाफ सीधे कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। इस फैसले को पटवारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों में एक महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है।
पटवारियों के खिलाफ शिकायतों और FIR को लेकर भी राजस्व विभाग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अब किसी पटवारी के खिलाफ शिकायत मिलने पर सीधे कानूनी कार्रवाई करने के बजाय पहले प्रारंभिक जांच की जाएगी। जांच में यदि शिकायत में लगाए गए आरोपों के तथ्य सही पाए जाते हैं तभी आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी कर्मचारी के खिलाफ सीधे कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। इस फैसले को पटवारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों में एक महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है।
इसके अलावा पटवारियों और राजस्व विभाग के मैदानी कर्मचारियों के लंबित भुगतान को लेकर भी सरकार ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं। प्रमुख सचिव राजस्व डॉ. ई. रमेश कुमार ने सभी जिला कलेक्टरों को संबंधित विभागों से समन्वय कर लंबित भुगतान जल्द कराने को कहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग से समन्वय कर अलग अलग योजनाओं में किए गए कार्यों के भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
लंबित भुगतान में स्वामित्व योजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य भी शामिल हैं। आबादी भूमि के सर्वे से लेकर अधिकार अभिलेख तैयार करने प्रारंभिक और अंतिम प्रकाशन दावा आपत्ति प्रक्रिया प्रिंटिंग और स्टेशनरी जैसे कामों के लिए लंबित राशि का भुगतान कराया जाना है। इसके अलावा 11वीं कृषि संगणना 2020-21 और छठी लघु सिंचाई गणना 2017-18 से जुड़े कार्यों के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय का भुगतान भी संबंधित गाइडलाइन के अनुसार कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पटवारियों के स्थानांतरण से जुड़े लंबित मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने का आश्वासन दिया गया है। शासन ने अन्य मांगों पर भी निर्धारित समय सीमा में निर्णय लेने की बात कही है। सरकार की ओर से मांगों पर कार्रवाई शुरू होने के बाद पटवारी संघ ने आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया है। अब पटवारियों की नजर शासन की ओर से किए गए आश्वासनों को जमीन पर लागू किए जाने पर रहेगी। यदि तय समय सीमा में मांगों पर कार्रवाई होती है तो इससे प्रदेश के हजारों पटवारियों को राहत मिल सकती है और राजस्व विभाग से जुड़ी सेवाओं पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
