यह फैसला मामले की सुनवाई के दूसरे चरण में आया है। केस के पहले चरण में भी Meta के खिलाफ फैसला सुनाया गया था। अदालत ने अपने निर्णय में अमेरिका के Children’s Online Privacy Protection Act (COPPA) का भी उल्लेख किया है।
क्या है COPPA कानून?
COPPA अमेरिका का ऐसा कानून है, जिसका उद्देश्य बच्चों की ऑनलाइन गोपनीयता की रक्षा करना है। इसके तहत 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की व्यक्तिगत जानकारी को लेकर विशेष नियम लागू होते हैं। अदालत ने कहा कि बच्चों की उम्र की पुष्टि और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी से जुड़े मामलों में कंपनियों को कानून के प्रावधानों का पालन करना जरूरी है।
जुर्माने की बड़ी रकम युवाओं के इलाज पर होगी खर्च
गुरुवार देर रात जारी आदेश में जज ब्रायन बीडशाइड ने कहा कि जुर्माने की राशि का बड़ा हिस्सा बच्चों और युवाओं के इलाज तथा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाएगा। करीब 420 मिलियन डॉलर इस तरह की सेवाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। बाकी रकम अगले पांच वर्षों के दौरान जागरूकता और रोकथाम कार्यक्रमों, स्क्रीनिंग सेवाओं और अन्य संबंधित गतिविधियों पर खर्च की जाएगी।
पहले चरण में भी लगा था 375 मिलियन डॉलर का जुर्माना
इस मामले की शुरुआती सुनवाई में अदालत ने Meta पर 375 मिलियन डॉलर का सिविल जुर्माना लगाया था। अदालत ने माना था कि कंपनी को इस बात की जानकारी थी कि उसके प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल रहे हैं। अदालत के सामने बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी जानकारी को कथित तौर पर छिपाने के आरोप भी रखे गए थे।
प्लेटफॉर्म में बदलाव की भी मांग
अभियोजन पक्ष ने Meta के प्लेटफॉर्म में कई बड़े बदलाव लागू करने की मांग की थी। इनमें सोशल मीडिया की लत बढ़ाने वाले फीचर्स पर नियंत्रण, उम्र सत्यापन की व्यवस्था मजबूत करना, डिफॉल्ट प्राइवेसी सेटिंग्स में बदलाव और बच्चों के यौन शोषण को रोकने के लिए कड़ी निगरानी जैसे उपाय शामिल हैं।
अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि अगर केवल Meta को ही बच्चों की उम्र सत्यापित करने के लिए बाध्य किया जाता है और दूसरी सोशल मीडिया कंपनियों पर समान नियम लागू नहीं होते, तो इससे Meta के साथ असमान व्यवहार होगा।
