ज्योतिष शास्त्र में छठे, आठवें और बारहवें भाव को त्रिक भाव कहा जाता है, जिन्हें सामान्यतः संघर्ष, व्यय और बाधाओं का कारक माना जाता है। ग्रहण के प्रभाव से सिंह राशि के जातकों के 12वें भाव पर असर पड़ेगा, जो अनियंत्रित खर्चों और आर्थिक नुकसान का संकेत देता है। इस अवधि में सिंह राशि के लोगों का बजट प्रभावित हो सकता है और पारिवारिक स्तर पर वैचारिक मतभेद उभर सकते हैं। विशेष रूप से विदेश से जुड़ा व्यापार करने वालों और सेहत के प्रति लापरवाह रहने वालों को सावधान रहने की जरूरत है।
धनु राशि के जातकों के लिए यह सूर्य ग्रहण आठवें भाव में घटित हो रहा है, जो अचानक आने वाली रुकावटों और संकटों से संबंधित माना जाता है। इस दौरान बने-बनाए कार्यों में अड़चनें आ सकती हैं। ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार, धनु राशि वाले इस समय किसी भी प्रकार के बड़े वित्तीय निवेश या जोखिम भरे फैसलों से बचें। यात्रा के दौरान सामान की सुरक्षा और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतना आवश्यक रहेगा।
कुंभ राशि के जातकों के लिए ग्रहण का प्रभाव छठे भाव में देखने को मिलेगा, जिसे रोग और प्रतिस्पर्धियों का भाव माना जाता है। इस दौरान कार्यस्थल पर गुप्त शत्रुओं की सक्रियता बढ़ सकती है, जो कार्यों में रुकावट डालने का प्रयास कर सकते हैं। व्यापार से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी न करने और सहकर्मियों के साथ संयम बनाए रखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा पेट और रक्त से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति भी सचेत रहना होगा।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस खगोलीय घटना के प्रभाव से बचने के लिए संबंधित राशि के जातकों को ईश्वर आराधना और नियमित मंत्र जाप करने का परामर्श दिया गया है। देश के विभिन्न हिस्सों में इस ग्रहण को लेकर धार्मिक और आध्यात्मिक तैयारियां भी की जा रही हैं।
