गर्मी में क्यों बढ़ती हैं बीमारियाँ?
तेज धूप और अधिक तापमान के कारण शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है। यही स्थिति डिहाइड्रेशन को जन्म देती है। इसके अलावा दूषित पानी, बासी खाना और साफ-सफाई की कमी वायरल संक्रमण को तेजी से फैलाती है।
वायरस इस मौसम में अधिक सक्रिय हो जाते हैं, जिससे बुखार, सिरदर्द, कमजोरी और शरीर दर्द जैसी समस्याएँ आम हो जाती हैं।
वायरल फीवर के लक्षण
अचानक बुखार आना
शरीर में दर्द और कमजोरी
सिरदर्द और थकान
गले में खराश या खांसी
भूख कम लगना
यदि ये लक्षण 2–3 दिन से ज्यादा बने रहें तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
डिहाइड्रेशन के खतरे
गर्मी में पसीना अधिक निकलने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसके लक्षण हैं:
बार-बार प्यास लगना
चक्कर आना
मुंह सूखना
पेशाब का रंग गहरा होना
कमजोरी महसूस होना
गंभीर स्थिति में बेहोशी तक हो सकती है।
बचाव के आसान उपाय
गर्मी और वायरल बीमारियों से बचने के लिए कुछ सरल सावधानियाँ अपनाई जा सकती हैं:
दिनभर पर्याप्त पानी पिएं (8–10 गिलास)
नींबू पानी, ओआरएस और नारियल पानी का सेवन करें
हल्का और ताजा भोजन करें
बाहर का तला-भुना और बासी खाना न खाएं
धूप में निकलते समय सिर ढककर रखें
व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें
भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें
खान-पान में रखें विशेष ध्यान
गर्मी में शरीर को ठंडक देने वाले फल जैसे तरबूज, खीरा, संतरा और दही का सेवन फायदेमंद होता है। कैफीन और ज्यादा मसालेदार भोजन से बचना चाहिए क्योंकि यह शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
यदि तेज बुखार, लगातार उल्टी, अत्यधिक कमजोरी या पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से दवा लेना खतरनाक हो सकता है।
गर्मी में वायरल फीवर और डिहाइड्रेशन आम समस्या हैं, लेकिन थोड़ी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर इनसे आसानी से बचा जा सकता है। साफ-सफाई, सही खान-पान और पर्याप्त पानी पीना ही स्वस्थ रहने की कुंजी है।
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