इस ट्रेनिंग में कुल 63 गैर-सरकारी पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं, जिन्हें मंत्री दर्जा प्राप्त है। कार्यक्रम दोपहर लगभग 2 बजे तक चलेगा, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी प्रशासनिक कामकाज, वित्तीय प्रबंधन, शासन व्यवस्था, अधिकार क्षेत्र और विभागीय समन्वय जैसे विषयों पर प्रस्तुति देंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस प्रशिक्षण का उद्देश्य नए पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों और प्रशासनिक सीमाओं की स्पष्ट समझ देना है, ताकि भविष्य में किसी तरह का टकराव या भ्रम की स्थिति न बने। हाल के दिनों में कुछ निगम-मंडल पदाधिकारियों द्वारा शक्ति प्रदर्शन और रैलियों को लेकर संगठन स्तर पर नाराजगी भी सामने आई थी, जिसके बाद सरकार ने अनुशासन पर विशेष जोर देने का फैसला लिया है।
इस ट्रेनिंग को केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासनिक अनुशासन और बेहतर समन्वय की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
