जानकारी के अनुसार रामानुजन हॉस्टल में बीटेक फाइनल ईयर के छात्रों द्वारा पार्टी का आयोजन किया गया था। शुरुआत में यह आयोजन सामान्य जश्न के रूप में देखा गया, जिसमें संगीत, नृत्य और उत्सव का माहौल था। लेकिन देर रात तक चले इस कार्यक्रम ने धीरे-धीरे उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि इस दौरान कुछ छात्रों ने नशे की हालत में हॉस्टल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो फुटेज के अनुसार, छात्रों ने हॉस्टल के फर्नीचर, खिड़कियों के शीशे और पानी के स्टोरेज टैंक तक को क्षतिग्रस्त कर दिया। कई जगहों पर कुर्सियां और टेबल टूटे हुए पाए गए, जबकि परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह उत्पात देर रात से लेकर तड़के लगभग चार बजे तक चलता रहा, जिससे हॉस्टल प्रशासन को स्थिति संभालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
घटना के बाद जब विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो तुरंत जांच के आदेश दिए गए। आईईटी निदेशक ने मौके पर पहुंचकर हॉस्टल का निरीक्षण किया, जहां व्यापक स्तर पर नुकसान के संकेत मिले। कई कमरों की खिड़कियां टूटी हुई पाई गईं और परिसर में पार्टी से जुड़ी सामग्री जैसे डीजे उपकरण और सजावट के सामान भी बिखरे हुए मिले।
प्रशासन का कहना है कि यह घटना न केवल अनुशासनहीनता का गंभीर उदाहरण है बल्कि शैक्षणिक संस्थान की मर्यादा को भी ठेस पहुंचाने वाली है। इसी के चलते प्रारंभिक कार्रवाई के तहत छात्रों के रिजल्ट रोकने और प्लेसमेंट प्रक्रिया को अस्थायी रूप से होल्ड करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही शासकीय संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए जुर्माना लगाने की भी तैयारी की जा रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही छात्रों के अभिभावकों को भी इस घटना की जानकारी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि स्थिति की गंभीरता को समझा जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर कॉलेज परिसरों में अनुशासन, नशे के प्रभाव और जिम्मेदार व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर छात्र अपने शैक्षणिक जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव पर हैं, वहीं इस तरह की घटनाएं उनके भविष्य पर भी गहरा असर डाल सकती हैं। प्रशासन अब पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
