तेज धूप और तपती गर्म हवाओं के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है और प्रमुख सड़कों पर आवाजाही बेहद कम हो जाती है। जरूरी कामों से बाहर निकलने वाले लोग भी सिर, चेहरा और शरीर को पूरी तरह ढककर ही घरों से निकलने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री अधिक है। लगातार बढ़ता तापमान आने वाले दिनों में और अधिक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का संकेत दे रहा है।
भीषण गर्मी का असर केवल जनजीवन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। तापमान बढ़ने के साथ ही एसी, कूलर और पंखों का अत्यधिक उपयोग किया जा रहा है, जिससे विद्युत लाइनों पर लोड कई गुना बढ़ गया है। इसके कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार बिजली कटौती की समस्या सामने आ रही है।
स्थिति यह है कि लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मरों में आग लगने और आर्मर्ड केबल के अत्यधिक गर्म होकर जलने जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है और कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने की शिकायतें मिल रही हैं।
विद्युत विभाग के अनुसार, गर्मी के इस चरम दौर में प्रतिदिन 800 से अधिक शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। इनमें मुख्य रूप से बिजली ट्रिपिंग, ट्रांसफार्मर खराब होना और लो वोल्टेज की समस्याएं शामिल हैं। विभागीय कर्मचारी लगातार फील्ड में काम कर रहे हैं, लेकिन बढ़ते लोड के कारण व्यवस्था पर दबाव कम नहीं हो पा रहा है।
रेड अलर्ट के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है। वहीं प्रशासन ने भी हीटवेव से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों के निर्देश दिए हैं।
कुल मिलाकर सतना इस समय भीषण गर्मी, लू और बिजली संकट की दोहरी मार झेल रहा है। यदि आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट नहीं आती, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
