घटना 20 और 21 मई की दरमियानी रात की बताई जा रही है, जब ग्राम सूंड निवासी विकास जाटव ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि डॉ. अंबेडकर की मूर्ति को खंडित कर दिया गया है। इस घटना से गांव में लोगों की धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत हुईं और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिरसौद थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और भारतीय न्याय संहिता की धारा 298 के तहत केस दर्ज कर जांच प्रारंभ की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई।
पुलिस ने आरोपी कैलाश यादव (35), निवासी ग्राम सूंड (हाल निवासी ग्राम खर्द) को बेरजा नदी पुलिया के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई, जिसमें उसने स्वीकार किया कि घटना के समय वह अत्यधिक शराब के नशे में था और उसी हालत में उसने मूर्ति को नुकसान पहुंचाया।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी वर्ष 2018 में इसी तरह की घटना में शामिल रहा है, जिससे उसकी आपराधिक प्रवृत्ति की पुष्टि होती है। पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
इस घटना के बाद गांव में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसे पुलिस ने पूरा कर दिखाया है।
फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
