जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 4 बजे एक युवक नई आबादी स्थित पोस्ट ऑफिस पहुंचा और कनाडा के ओंटारियो में इंटरनेशनल पार्सल भेजने की प्रक्रिया शुरू की। करीब दो किलो वजन के इस पार्सल को लेकर युवक ने दावा किया कि उसमें केवल चॉकलेट और कैंडी आइटम हैं। लेकिन उसकी गतिविधियां पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों को संदिग्ध लगीं।
पोस्टल असिस्टेंट ने जब पार्सल में रखी सामग्री को लेकर युवक से विस्तार से पूछताछ की, तो वह घबराने लगा। कर्मचारियों ने उससे और जानकारी मांगी तो वह अचानक पार्सल काउंटर पर ही छोड़कर मौके से फरार हो गया। युवक के इस व्यवहार से कर्मचारियों का शक और गहरा गया, जिसके बाद तुरंत सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही सीबीएन मंदसौर सेल की टीम मौके पर पहुंची और पार्सल की जांच शुरू की। करीब दो घंटे तक चली जांच में पार्सल के अंदर ‘लव पैन’ नाम की कैंडी के दो बॉक्स मिले। जब टीम ने कैंडी और चॉकलेट के रैपर खोले तो उनमें छिपाए गए 25 छोटे पाउच बरामद हुए। इन पाउचों में कुल 455 ग्राम अफीम भरी हुई थी। बाकी रैपरों में सामान्य कैंडी रखी गई थी, ताकि जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके।
सीबीएन अधिकारियों के मुताबिक, तस्करों ने ड्रग्स को छिपाने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पार्सल नीमच क्षेत्र से कनाडा भेजा जाना था। एजेंसियों को आशंका है कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
पोस्ट ऑफिस परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में संदिग्ध युवक की तस्वीर कैद हो गई है। अब जांच एजेंसियां फुटेज के आधार पर उसकी पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश कर रही हैं। सीबीएन का कहना है कि एंटी ड्रग ऑपरेशन के तहत पहले से विशेष सूचना मिलने के बाद निगरानी बढ़ाई गई थी।
पोस्टल असिस्टेंट प्रदीप मेहरा ने बताया कि युवक की घबराहट और संदिग्ध गतिविधियों के चलते उन्हें शक हुआ था। पूछताछ बढ़ाने पर वह सामान छोड़कर भाग गया, जिसके बाद तुरंत नारकोटिक्स टीम को बुलाया गया। फिलहाल जब्त अफीम को कब्जे में लेकर मामले की गहन जांच की जा रही है।
