मध्य प्रदेश। अशोकनगर जिले के महुअन गांव में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। पलंग से गिरकर घायल हुए छह माह के मासूम आदर्श चंदेल की मंगलवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद जिला अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई और परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए।
जानकारी के मुताबिक, महुअन गांव निवासी विकास चंदेल का छह माह का बेटा आदर्श रविवार शाम घर में पलंग पर खेल रहा था। उसी दौरान उसकी मां रवि चंदेल घर से बाहर पानी भरने चली गई थीं। घर लौटने पर उन्होंने देखा कि मासूम पलंग से नीचे फर्श पर गिरा पड़ा है। बच्चे के सिर और शरीर में गंभीर चोटें आई थीं। परिवार के लोग तुरंत उसे इलाज के लिए ईसागढ़ के एक निजी क्लिनिक लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार किया गया।
परिजनों का कहना है कि सोमवार शाम तक बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, बल्कि उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। इसके बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद परिवार को उम्मीद थी कि मासूम की हालत में सुधार होगा, लेकिन मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
बच्चे की मौत के बाद अस्पताल परिसर में मातम का माहौल बन गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने समय पर सही उपचार नहीं किया और बार-बार पूछने के बावजूद बच्चे की हालत के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते बेहतर इलाज मिलता, तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी।
मासूम आदर्श की मौत के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। घटना के बाद गांव में भी शोक की लहर फैल गई। पड़ोसियों और रिश्तेदारों का कहना है कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
यह हादसा एक बार फिर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों को कभी भी पलंग या ऊंची जगह पर अकेला नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, परिजन जिला अस्पताल के डॉक्टरों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
