अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची, समझाइश से रुकी शाद
मामले की जानकारी मिलते ही नायब तहसीलदार संजीव पांडेय, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी नागेंद्र तिवारी, थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी, एसआई भाग्यचंद कुशराम सहित पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कम उम्र में विवाह न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि यह बालिका के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर भी गंभीर प्रभाव डालता है।
कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी, दुष्परिणामों पर किया जागरूक
अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों को बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत यह एक दंडनीय अपराध है। इसके तहत दोषियों पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके साथ ही टीम ने बाल विवाह से होने वाले सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों पर भी विस्तार से समझाइश दी। लगातार समझाइश के बाद परिवार ने विवाह को रोकने पर सहमति व्यक्त की।
पंचनामा कार्रवाई पूरी, परिजनों ने मानी बा
महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी नागेंद्र तिवारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद एसडीएम से चर्चा कर संयुक्त टीम का गठन किया गया था। इसके बाद मौके पर पहुंचकर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई भी पूरी की गई। लगातार संवाद और समझाइश के बाद परिवार ने शादी रोकने का निर्णय लिया, जिससे एक बड़ा सामाजिक और कानूनी उल्लंघन होने से बच गया।
प्रशासन की अपील: बाल विवाह की सूचना तुरंत दे
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचित करें। समय पर सूचना मिलने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है और बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।
मैहर प्रशासन की यह कार्रवाई दिखाती है कि जागरूकता और त्वरित कार्रवाई से सामाजिक कुप्रथाओं को रोका जा सकता है। बाल विवाह जैसी प्रथाओं पर सख्ती से रोक लगाना ही बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
