इंदौर। नगर निगम (Municipal council) द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में लगाए जा रहे फोर लेयर रंबल स्ट्रिप (Four-layer rumble strip) वाहन चालकों के लिए हादसों का सबब बन रहे हैं। स्पीड ब्रेकर (Speed breaker) के स्थान पर लगाई जाने वाली यह प्लास्टिक व रबर की रंबल स्ट्रिप लगने के कुछ ही दिनों बाद टूट रही हैं। शहर में अधिकांश स्थानों पर जहां इन्हें स्थापित किया गया था, वहां से ये स्ट्रिप पूरी तरह उखड़ चुकी हैं। इन स्ट्रिप को मजबूत पकड़ देने के लिए लोहे की कीलों से सड़क पर ठोका गया था। अब स्ट्रिप के टूटने और उखड़ने के बाद सड़क पर उभरी हुई नुकीली कीलें राहगीरों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं। इन उभरी कीलों के कारण आए दिन वाहनों के टायर पंक्चर हो रहे हैं। अचानक सामने दिखने वाली कीलों से बचने की कोशिश में वाहन चालक अनियंत्रित होकर एक-दूसरे से टकरा जाते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं।
प्रमुख मार्गों पर उखड़े स्पीड ब्रेकर और फैली कीलें
एलआईजी चौराहा से लेकर कलश चौराहा तक 4 से ज्यादा स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं, जिनकी ऊंचाई सामान्य मानकों से काफी अधिक है। इन रबर के स्पीड ब्रेकरों को लगाते समय लोहे की कीलें ठोकी गई थीं। समय के साथ रबर के पल्ले उखड़ गए और अब केवल खतरनाक कीलें ही सड़क पर शेष बची हैं। उल्लेखनीय है कि एक पल्ले को कसने के लिए 4 से 6 कीलें ठोकी गई थीं, जो अब बाहर निकल आई हैं। इसी प्रकार पोलो ग्राउंड स्थित सांदिपनी स्कूल के सामने लगाया गया डबल स्पीड ब्रेकर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और उसके बीच के बॉक्स पूरी तरह उखड़ गए हैं। एमआर 4 तथा मरीमाता लिंक रोड पर 2 स्थानों पर लगाए गए रंबल स्ट्रिप लगभग पूरी तरह उखड़ चुके हैं। बाणगंगा क्षेत्र में मनोचिकित्सालय से लेकर ओवरब्रिज के बीच 2 स्थानों पर लगे रंबल स्ट्रिप का बड़ा हिस्सा टूट गया है। इसके अलावा एमटीएच कंपाउंड स्थित यातायात थाना के पास और मालवा ब्रिज से लेकर परदेशीपुरा तक 2 स्थानों पर लगाए गए स्पीड ब्रेकर भी उखड़कर जर्जर हो चुके हैं।
आईडीए चौराहे पर रंबल स्ट्रिप टूटी और वाहन चालक परेशान
रेसकोर्स रोड पर स्थित इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) चौराहे पर नगर निगम द्वारा फोर लेयर रंबल स्ट्रिप लगाई गई थी, जो घटिया निर्माण के कारण कुछ ही दिनों में टूटने लगी। वर्तमान में यहां की अधिकांश स्ट्रिप टूट चुकी हैं और केवल नुकीली कीलें सड़क पर बाहर निकली हुई हैं। स्थानीय वाहन चालक मुकेश बरोले ने बताया कि रंबल स्ट्रिप की इन उभरी कीलों के कारण उनकी गाड़ी का टायर 3 बार पंक्चर हो चुका है। क्षेत्रीय रहवासियों का कहना है कि इस मार्ग पर फोर लेयर रंबल स्ट्रिप की आवश्यकता ही नहीं थी। लैंटर्न चौराहे और जंजीरावाला चौराहे से आने-जाने वाले यातायात की गति को सामान्य स्पीड ब्रेकर के माध्यम से भी आसानी से नियंत्रित किया जा सकता था। रंबल स्ट्रिप पर वाहन अत्यंत धीमी गति से गुजरते हैं, फिर भी इनका इतनी जल्दी टूट जाना घटिया निर्माण गुणवत्ता की ओर सीधा इशारा करता है।
नियमों की अनदेखी और सड़क सुरक्षा समिति के निर्णयों पर अमल नहीं
आर्किटेक्ट अतुल शेठ के अनुसार शहर में स्पीड ब्रेकर का निर्माण करते समय किसी भी निर्धारित तकनीकी नियम व मानक का पालन नहीं किया जाता है। इसके परिणामस्वरूप न केवल आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, बल्कि वाहनों के झटकों से लोगों को कमर दर्द व अन्य शारीरिक परेशानियां भी झेलनी पड़ रही हैं। अगस्त 2025 में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की आधिकारिक बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था कि शहर की कॉलोनियों और मुख्य सड़कों से सभी अवैध स्पीड ब्रेकर तत्काल हटाए जाएंगे, परंतु इस निर्णय पर आज तक अमल नहीं हो सका। समिति ने यह प्रावधान भी किया था कि सड़क सुरक्षा समिति की पूर्व मंजूरी के बिना कहीं भी नया स्पीड ब्रेकर नहीं बनाया जा सकेगा और यदि कोई निर्माण होता है तो उसकी संपूर्ण राशि संबंधित निर्माण एजेंसी से वसूल की जाएगी। इस आदेश को पारित हुए 1 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
