दरअसल, वार्ड क्रमांक-7 में दीपावली के अवसर पर महिलाओं के लिए उपहार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस आयोजन में करीब 2100 महिलाओं को दीपावली के उपहार बांटे गए। कार्यक्रम का उद्देश्य त्योहार के मौके पर महिलाओं को उपहार देकर दीपावली की खुशियों में शामिल करना था। आयोजन में पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी और तस्वीरों को लेकर भी लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ।
कार्यक्रम के लिए लगाए गए बैनर और पोस्टरों पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कुल 19 वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें प्रदर्शित की गई थीं। इनमें पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक स्तर के नेताओं के फोटो भी शामिल बताए गए। हालांकि, इसी सूची में इंदौर विधानसभा-1 के विधायक और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर दिखाई नहीं दी।
स्थानीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक की तस्वीर का नहीं होना इसलिए चर्चा का विषय बन गया, क्योंकि यह आयोजन उसी विधानसभा क्षेत्र के वार्ड में हुआ, जिसका प्रतिनिधित्व विजयवर्गीय करते हैं। इसके अलावा, वे प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी हैं और मालवा क्षेत्र की राजनीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। ऐसे में बैनर पर उनका फोटो नहीं होना राजनीतिक दृष्टि से लोगों का ध्यान खींच रहा है।
मामले का एक दूसरा पहलू भी सामने आया है। कार्यक्रम में भाजपा से जुड़े वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद रहे और उन्होंने संबोधन भी किया। लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में कैलाश विजयवर्गीय के नाम से कोई उद्बोधन नहीं हुआ। इस तरह बैनर पर तस्वीर का नहीं होना और मंचीय कार्यक्रम में उनके नाम का उल्लेख नहीं होना, दोनों बातें एक साथ चर्चा का कारण बनी हैं।
राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखने वाले लोगों के बीच अब इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्षेत्रीय विधायक की तस्वीर आयोजन के प्रचार सामग्री में क्यों शामिल नहीं की गई। जब एक ही बैनर पर प्रदेश और पार्टी के कई बड़े नेताओं को जगह दी गई, तब स्थानीय विधायक का नाम और फोटो नहीं होना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर किसी राजनीतिक विवाद, संगठनात्मक मतभेद या जानबूझकर तस्वीर हटाए जाने की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल इसे कार्यक्रम की प्रचार सामग्री में तस्वीर की अनुपस्थिति से जुड़ा मामला ही माना जा रहा है। आयोजकों की ओर से भी इस संबंध में कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है।
इंदौर विधानसभा-1 प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में यहां आयोजित किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रमुख जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी और प्रचार सामग्री में उनकी तस्वीरों को लेकर राजनीतिक नजरिया बनना स्वाभाविक है। फिलहाल वार्ड क्रमांक-7 का यह दीपावली आयोजन उपहार वितरण से ज्यादा बैनर पर कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर नहीं होने को लेकर चर्चा में आ गया है। आने वाले समय में इस मामले पर आयोजकों या संबंधित नेताओं की ओर से कोई स्पष्टीकरण आता है या नहीं, इस पर भी राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।
