नगर निगम की टीम ने सुबह से ही पूरे क्षेत्र को घेरकर कार्रवाई शुरू की, जिससे स्थानीय लोगों में हलचल मच गई। जिन मकानों और दुकानों का हिस्सा सड़क चौड़ीकरण में बाधक था, उन्हें मशीनों की मदद से हटाया गया। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई शहर के मास्टर प्लान को लागू करने के लिए जरूरी है और इसे दोपहर तक जारी रखा जा सकता है।
गौरतलब है कि इस सड़क को पहले 80 फीट चौड़ा करने की योजना थी, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के बाद इसे संशोधित कर 60 फीट तक सीमित कर दिया गया है। इसके बावजूद सड़क निर्माण में बाधा बन रहे हिस्सों को हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है।
नगर निगम ने पहले ही संबंधित रहवासियों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने की सूचना दे दी थी। इसके बावजूद जब निर्माण नहीं हटाए गए, तो प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मौके पर कार्रवाई शुरू की। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस प्रशासन की टीम भी मौजूद रही ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी हाल ही में क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था और स्थानीय लोगों से बातचीत की थी। उन्होंने कहा था कि शहर के विकास और मास्टर प्लान की सड़कों का समय पर निर्माण बेहद जरूरी है, ताकि यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान सिर्फ छावनी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के अन्य हिस्सों में भी मास्टर प्लान के तहत सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई आगे जारी रहेगी। इससे पहले भी लक्ष्मीबाई प्रतिमा से जिंसी चौराहे तक 16 मकानों के अवैध हिस्सों को हटाया गया था।
लगातार चल रही इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि नगर निगम अब मास्टर प्लान सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता दे रहा है और अतिक्रमण हटाने में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही है।
