किन लक्षणों पर तुरंत अलर्ट जरूरी?
सरकारी एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि यदि किसी यात्री में निम्न लक्षण दिखते हैं तो तुरंत एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर को जानकारी देना अनिवार्य होगा:
तेज बुखार
सिरदर्द और कमजोरी
उल्टी या दस्त
गले में खराश
शरीर से खून निकलने के संकेत
इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति संक्रमित मरीज के खून या शरीर के तरल पदार्थ (body fluids) के संपर्क में आया है, तो उसकी भी विशेष निगरानी की जाएगी।
21 दिन तक निगरानी का निर्देश
स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत आने के बाद यदि किसी यात्री में 21 दिनों के भीतर लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना होगा और अपनी ट्रैवल हिस्ट्री साझा करनी होगी। यह समय सीमा इसलिए महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इबोला वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड इसी अवधि के आसपास होता है।
सरकार की तैयारी और निगरानी व्यवस्था
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम और अन्य एजेंसियों ने स्थिति की समीक्षा की है। सभी विभागों को अलर्ट मोड में रखते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल भारत में इबोला का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है और देश के लिए जोखिम बहुत कम है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ाई गई है।
एयरपोर्ट्स पर सख्त स्क्रीनिंग
एयरपोर्ट हेल्थ ऑर्गनाइजेशन यात्रियों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया पर लगातार नजर रख रहा है। संदिग्ध मामलों को तुरंत आइसोलेट करने और आगे की जांच के लिए मेडिकल टीमों को तैयार रखा गया है।सरकार ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य जांच में पूरा सहयोग करें और किसी भी लक्षण को छिपाने से बचें।
इबोला जैसी गंभीर बीमारी को देखते हुए भारत ने समय रहते एहतियाती कदम उठाए हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा को ध्यान में रखते हुए सतर्कता को प्राथमिकता दी जा रही है।
