एमडीए के मुताबिक, तय समय सीमा में निर्माण नहीं हटाया गया तो प्राधिकरण की टीम नियमानुसार कार्रवाई करेगी। नोटिस में निर्माण के सरकारी जमीन पर होने का उल्लेख किया गया है। कार्रवाई का नोटिस जारी होने के बाद मस्जिद कमेटी में हलचल बढ़ गई है। कमेटी से जुड़े लोगों का कहना है कि मस्जिद काफी पुरानी है।
सड़क किनारे निर्माण से यातायात प्रभावित होने का भी हवाला
एमडीए का कहना है कि जमीन सरकारी होने की स्थिति में वहां किए गए निर्माण को नियमों के तहत वैध नहीं माना जा सकता। प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि सड़क किनारे निर्माण होने से यातायात प्रभावित हो रहा है। अब 15 दिन की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद एमडीए की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। फिलहाल प्राधिकरण की ओर से निर्माण स्वयं हटाने के लिए नोटिस दिया गया है।
मुरादाबाद में पहले भी हटाए गए धार्मिक निर्माण
सरकारी जमीन और सड़क किनारे धार्मिक निर्माण को लेकर मुरादाबाद में पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। कांठ रोड पर सिद्ध अस्पताल के पास सड़क किनारे बने मस्जिदनुमा निर्माण को पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर से हटाया गया था। इसी तरह एमडीए की सेक्टर-10 योजना में पार्क की जमीन पर बनी मीनार को भी हटाकर जमीन खाली कराई गई थी।
एमडीए उपाध्यक्ष बोले- सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण स्वीकार नहीं
एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह ने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संबंधित मामले में नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई है। अब नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
