पार्टी हर बूथ का अलग सामाजिक प्रोफाइल तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। इसमें बूथ पर अलग-अलग जातियों और सामाजिक समूहों की हिस्सेदारी, पार्टी के मजबूत आधार वाले वर्ग और उन समुदायों की पहचान की जाएगी, जहां संगठन को अपनी पहुंच बढ़ाने की जरूरत है। इस आकलन के बाद संबंधित जातियों और सामाजिक समूहों के बीच संपर्क के लिए अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी।
जिस समाज की जिम्मेदारी, उसी के कार्यकर्ता करेंगे संपर्क
भाजपा की रणनीति में सबसे अहम पहलू यह है कि किसी समुदाय तक पहुंच बनाने के लिए उसी समाज के पार्टी कार्यकर्ताओं को आगे किया जाएगा। ये कार्यकर्ता अपने-अपने सामाजिक समूह के लोगों से घर-घर जाकर संवाद करेंगे। संपर्क के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ, स्थानीय विकास कार्य और सरकार की उपलब्धियां बताई जाएंगी। इसके साथ ही विपक्ष की ओर से किए जा रहे कथित भ्रामक प्रचार का जवाब भी लोगों के बीच देने की तैयारी है।
सिर्फ प्रचार नहीं, लोगों की राय भी संगठन तक पहुंचेगी
भाजपा के बूथ अभियान में फीडबैक को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। कार्यकर्ता घर-घर संपर्क के दौरान केवल सरकार की उपलब्धियां बताने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्थानीय समस्याओं, जनता के मुद्दों और सरकार को लेकर लोगों की राय भी जानेंगे। यह जानकारी संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी।
इस फीडबैक के आधार पर बूथ स्तर पर पार्टी की स्थिति का आकलन किया जाएगा। जहां संगठन कमजोर दिखाई देगा, वहां समय रहते सुधारात्मक कदम उठाने और अतिरिक्त जनसंपर्क गतिविधियां चलाने की योजना है।
विपक्ष के नैरेटिव का जवाब बूथ से देने की तैयारी
पार्टी का जोर चुनावी नैरेटिव को केवल सोशल मीडिया या बड़े राजनीतिक मंचों तक सीमित रखने के बजाय सीधे मतदाताओं तक पहुंचाने पर है। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों से जुड़े तथ्य उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि स्थानीय स्तर पर विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सवालों का जवाब दिया जा सके।
प्रदेश संगठन रखेगा हर बूथ की निगरानी
पूरे अभियान की मॉनिटरिंग प्रदेश संगठन करेगा। बूथवार टीमों की सक्रियता, घर-घर संपर्क और जनता से मिले फीडबैक की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जिन इलाकों में संगठन की गतिविधियां कमजोर मिलेंगी, वहां अतिरिक्त संपर्क अभियान चलाए जाएंगे। इस तरह भाजपा मिशन-2027 के लिए अपनी पुरानी ‘बूथ जीतो, चुनाव जीतो’ रणनीति को सामाजिक संपर्क और फीडबैक सिस्टम के साथ जोड़कर जमीनी स्तर पर मजबूत करने की तैयारी में है।
