शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र का रहने वाला किशोर अपने परिवार का इकलौता बेटा था और मोती मस्जिद इकबाल मैदान समेत आसपास के इलाकों में फेरी लगाकर पेन और कॉपी बेचता था। उसकी कमाई से ही परिवार का गुजारा चलता था। छह अगस्त को वह इकबाल मैदान क्षेत्र से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।
करीब पांच दिन बाद 11 अगस्त को किशोर का शव छोटे तालाब से बरामद हुआ। शव की स्थिति खराब होने के कारण तत्काल पहचान नहीं हो सकी। बाद में कपड़ों और चप्पलों के आधार पर 14 अगस्त को परिजनों ने उसकी पहचान की। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया।
जांच के दौरान पुलिस ने रविवार को मुखबिर की सूचना पर एक नाबालिग संदेही को हिरासत में लिया। पूछताछ में कथित तौर पर किशोर की हत्या और उसके शरीर के एक हिस्से को अलग किए जाने से जुड़ी जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने जोहेब नेहा समेत कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। करीब 13 लोगों से पूछताछ की जा रही है जिनमें कुछ नाबालिग भी शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ लोगों ने नाबालिगों को कथित तौर पर यह लालच दिया था कि शरीर के एक विशेष अंग को विदेश भेजकर करोड़ों रुपए कमाए जा सकते हैं। इसी लालच में किशोर को मदद करने का भरोसा देकर सुनसान स्थान पर ले जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि हत्या के बाद शरीर के एक हिस्से को अलग किया गया और उसे दिल्ली के रास्ते विदेश भेजने की योजना बनाई गई थी। इस कथित सौदे में शामिल लोगों और इसके पीछे मौजूद नेटवर्क का पता लगाने के लिए पुलिस पूछताछ कर रही है।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने रविवार रात कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी। छोटे तालाब और आसपास के इलाकों में भी तलाश अभियान चलाया गया लेकिन शव का लापता हिस्सा अभी बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित साजिश के पीछे कौन लोग हैं और क्या वास्तव में किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से इसका संबंध है।
मामले में उस समय एक नया मोड़ आया जब एक अन्य 17 वर्षीय किशोर अपने परिजनों के साथ थाने पहुंचा। उसने आरोप लगाया कि संदिग्धों ने उसे भी निशाना बनाने की कोशिश की थी। किशोर के मुताबिक आरोपियों ने उसे पकड़कर गला दबाने की कोशिश की और हथियार दिखाए। वह किसी तरह उनके चंगुल से निकलकर भाग गया। उसने यह भी दावा किया कि आरोपी आपस में हत्या के बाद शरीर से संबंधित हिस्सा निकालने की बात कर रहे थे।
फिलहाल पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संबंध की जांच कर रही है। पुलिस का मुख्य फोकस आरोपों की पुष्टि करने के साथ शव के लापता हिस्से की बरामदगी और पूरी साजिश में शामिल लोगों की पहचान पर है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।
