इस पूरे विवाद के बीच शाहरुख खान का कई साल पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में फिर चर्चा का विषय बन गया है। उस इंटरव्यू में पत्रकार करण थापर ने शाहरुख से सेलिब्रिटीज के उन प्रोडक्ट्स के विज्ञापन करने पर सवाल किया था जिनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की बात कही जाती है। सवाल के दौरान सॉफ्ट ड्रिंक के विज्ञापनों का भी जिक्र हुआ था और कहा गया था कि बच्चों पर बड़े सितारों के विज्ञापन का प्रभाव पड़ता है।
इस पर शाहरुख खान ने उस समय तर्क दिया था कि अगर सरकार को किसी प्रोडक्ट से इतनी आपत्ति है और वह उसे समाज के लिए नुकसानदायक मानती है तो उसे देश में बनाने और बेचने की अनुमति ही नहीं दी जानी चाहिए। शाहरुख ने कहा था कि अगर सिगरेट खराब है तो सरकार उसके निर्माण पर रोक लगाए और अगर सॉफ्ट ड्रिंक को नुकसानदायक माना जाता है तो उसके उत्पादन को बंद किया जाना चाहिए। उनका सवाल था कि जब सरकार ऐसे उत्पादों से मिलने वाले राजस्व को रोक नहीं रही है तो कलाकारों की कमाई को लेकर सवाल क्यों उठाए जाते हैं।
शाहरुख ने खुद को एक अभिनेता बताते हुए कहा था कि उनका काम अभिनय करना और उससे कमाई करना है। उनके मुताबिक यदि कोई उत्पाद गलत है तो उसके उत्पादन को ही बंद किया जाना चाहिए। इसी पुराने बयान के कारण मौजूदा विवाद के बीच शाहरुख का पक्ष एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि वर्तमान FDA नोटिस को लेकर शाहरुख खान या अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
FDA के नोटिस के मुताबिक तीनों कलाकारों को यह स्पष्ट करना होगा कि विमल इलायची वास्तव में एक अलग उत्पाद है या फिर इसके जरिए प्रतिबंधित विमल पान मसाला और तंबाकू उत्पादों का अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार किया जा रहा है। विभाग ने विज्ञापन से जुड़े कई दस्तावेज और जानकारियां भी मांगी हैं।
नोटिस में कलाकारों से उन टीवी चैनलों डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया माध्यमों की जानकारी मांगी गई है जहां यह विज्ञापन प्रसारित या प्रकाशित हुआ। इसके साथ ही विज्ञापन की अवधि और उसे प्रसारित किए जाने से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। FDA ने कलाकारों और ब्रांड के मालिक के बीच हुए कमर्शियल या कानूनी समझौते से संबंधित दस्तावेज भी मांगे हैं।
अब तीनों सितारों को निर्धारित 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब और जरूरी दस्तावेज FDA के सामने पेश करने होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक जवाब नहीं देने या संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में आगे कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल मामले में कलाकारों के जवाब का इंतजार है। वहीं शाहरुख खान का पुराना बयान इस विवाद के बीच एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि प्रतिबंधित या विवादित उत्पादों के प्रचार की जिम्मेदारी सिर्फ विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटीज की है या फिर ऐसे उत्पादों के निर्माण और बिक्री पर भी समान रूप से सवाल उठना चाहिए।
