स्पेसएक्स की अध्यक्ष ग्विन शॉटवेल ने कंपनी की अर्निंग कॉल के दौरान बताया कि स्टारलिंक केवल सैटेलाइट क्षमता तक सीमित नहीं रहना चाहती बल्कि वह टेरेस्ट्रियल यानी जमीनी मोबाइल नेटवर्क सिस्टम भी विकसित करेगी। इसका उद्देश्य ऐसा नेटवर्क तैयार करना है जो सैटेलाइट और पारंपरिक मोबाइल इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों की ताकत को एक साथ जोड़ सके। इससे यूजर्स को बेहतर कनेक्टिविटी और अधिक भरोसेमंद नेटवर्क मिलने की उम्मीद है।
अब तक स्टारलिंक की पहचान उन इलाकों में तेज इंटरनेट उपलब्ध कराने वाली सेवा के रूप में रही है जहां पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंच पाता। दूरदराज के क्षेत्रों प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में इसकी उपयोगिता पहले ही साबित हो चुकी है। लेकिन अब कंपनी का लक्ष्य केवल इंटरनेट सेवा तक सीमित नहीं है। वह पूर्ण मोबाइल सेवा प्रदाता बनकर सीधे टेलीकॉम कंपनियों को चुनौती देना चाहती है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए स्पेसएक्स अपने पास मौजूद 65 मेगाहर्ट्ज वायरलेस स्पेक्ट्रम लाइसेंस का उपयोग करेगी जिसे कंपनी ने वर्ष 2025 में इकोस्टार से खरीदा था। इस स्पेक्ट्रम के जरिए स्टारलिंक अपना मोबाइल नेटवर्क तैयार करेगी। कंपनी का दावा है कि वह अपने मौजूदा ब्रॉडबैंड डिश और बेस स्टेशनों का इस्तेमाल कर कम लागत में बड़ा नेटवर्क विकसित कर सकती है जिससे पारंपरिक टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश की जरूरत कम होगी।
स्टारलिंक की नजर लगभग 600 बिलियन डॉलर के अमेरिकी मोबाइल बाजार पर है। कंपनी का मानना है कि वह बेहतर कवरेज और आधुनिक तकनीक के दम पर बड़ी संख्या में ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर सकती है। खासतौर पर ऐसे क्षेत्रों में जहां मोबाइल नेटवर्क कमजोर रहता है या बिल्कुल नहीं मिलता वहां स्टारलिंक की सेवा बड़ी भूमिका निभा सकती है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी सैटेलाइट आधारित नेटवर्क पारंपरिक नेटवर्क की तुलना में अधिक प्रभावी साबित हो सकता है।
हालांकि पूरे देश में मोबाइल नेटवर्क तैयार करना आसान नहीं होगा। अमेरिका की मौजूदा टेलीकॉम कंपनियों ने पिछले तीन दशकों में अरबों डॉलर खर्च कर अपना नेटवर्क खड़ा किया है। ऐसे में स्टारलिंक को भी व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में समय लगेगा। दिलचस्प बात यह है कि टी मोबाइल पहले से स्टारलिंक की साझेदार कंपनी है और दोनों मिलकर डायरेक्ट टू सेल सेवा पर काम कर रहे हैं। लेकिन नई योजना के बाद दोनों के बीच प्रतिस्पर्धा भी बढ़ सकती है।
वर्तमान में अमेरिकी मोबाइल बाजार पर टी मोबाइल वेरिजॉन और एटी एंड टी का लगभग 95 प्रतिशत कब्जा है। इन कंपनियों के करोड़ों ग्राहक हैं और वर्षों से इनका दबदबा कायम है। इसके बावजूद स्टारलिंक की एंट्री ने बाजार को यह संकेत दे दिया है कि आने वाले वर्षों में मोबाइल सेवाओं का स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है। यदि कंपनी अपनी योजना के अनुसार सफल होती है तो सैटेलाइट और मोबाइल नेटवर्क का नया युग शुरू हो सकता है जो दुनिया भर के टेलीकॉम उद्योग के लिए बड़ी क्रांति साबित होगा।
