नई दिल्ली । झांसी नगर निगम परिसर से देर रात एक जब्त लोडर को बाहर ले जाने की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे सामने आने के बाद प्रशासन ने पूरे मामले पर अपना आधिकारिक पक्ष रखा है। वायरल वीडियो और चर्चाओं में इसे नगर निगम परिसर से वाहन चोरी का मामला बताया गया, लेकिन नगर निगम प्रशासन ने इन दावों को पूरी तरह भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई प्रतिबंधित पॉलीथिन और अन्य जब्त सामग्री के नियमानुसार निस्तारण की प्रक्रिया का हिस्सा थी। अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई सक्षम अधिकारी की मौजूदगी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत संपन्न कराई गई।
नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने दिन में बिजौली क्षेत्र में अभियान चलाकर एक लोडर को बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पॉलीथिन और अन्य सामग्री के साथ जब्त किया था। कार्रवाई पूरी होने के बाद वाहन को नगर निगम परिसर में खड़ा कराया गया और सुरक्षा व्यवस्था के तहत गार्ड को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बिना अधिकृत अनुमति किसी भी वाहन को परिसर से बाहर नहीं जाने दिया जाए। इसके बाद जब्त सामग्री के संबंध में आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।
देर रात करीब 11 बजे कुछ लोग उक्त लोडर को लेकर नगर निगम परिसर से बाहर निकलने पहुंचे। मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने बिना स्पष्ट अनुमति वाहन को बाहर जाने से रोक दिया और गेट बंद कर दिए। इस दौरान वाहन में मौजूद लोगों और सुरक्षा गार्ड के बीच कुछ देर तक बहस भी हुई। गार्ड ने स्पष्ट निर्देश मिलने तक वाहन को बाहर निकालने से इनकार कर दिया और अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए नियमों का पालन किया।
घटना की जानकारी मिलने पर मीडिया प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए और देर रात वाहन बाहर ले जाने के कारणों की जानकारी लेने का प्रयास किया। इसी बीच नगर निगम के एक अधिकारी भी परिसर पहुंचे। अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद सुरक्षा गार्ड ने वाहन को बाहर जाने की अनुमति दी, जिसके बाद लोडर परिसर से बाहर ले जाया गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगा, जिससे विभिन्न प्रकार की अटकलों का दौर शुरू हो गया।
वीडियो वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि नगर निगम द्वारा जब्त किया गया वाहन चोरी कर ले जाया गया है। इन दावों के तेजी से फैलने के बाद नगर निगम प्रशासन ने पूरे मामले का आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया। प्रशासन ने कहा कि बिना पूरी जानकारी के फैलाए जा रहे दावे वास्तविक स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत कर रहे हैं।
अपर नगर आयुक्त राहुल यादव ने स्पष्ट किया कि जब्त प्रतिबंधित पॉलीथिन और अन्य सामग्री का उसी रात नियमानुसार निस्तारण कराया गया था। उनके अनुसार इस प्रक्रिया के लिए संबंधित अधिकारी की उपस्थिति में लोडर को परिसर से बाहर ले जाया गया और पूरी कार्रवाई प्रशासनिक निगरानी में संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि इसे वाहन चोरी की घटना बताना पूरी तरह गलत और तथ्यहीन है।
नगर निगम प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट जानकारी पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक संस्थानों से जुड़े मामलों में अधूरी जानकारी भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती है। प्रशासन ने दोहराया कि पूरे घटनाक्रम में किसी प्रकार की चोरी नहीं हुई और सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की गईं।
