स्थानीय लोगों को उस समय सबसे ज्यादा परेशानी होती है जब यह बोरवेल खराब हो जाता है। ऐसी स्थिति में महिलाओं और बच्चों को करीब डेढ़ किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से नियमित पानी आपूर्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
दिलचस्प बात यह है कि इस इलाके में नल जल योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा किया जा चुका है। यहां तक कि पाइपलाइन का परीक्षण भी सफल बताया जा रहा है। इसके बावजूद अब तक अधिकांश घरों में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
इस स्थिति को लेकर प्रशासन और स्थानीय निवासियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एक तरफ लोग पानी की कमी से परेशान हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासन का दावा है कि सभी व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी हैं।
नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) इशांक धाकड़ ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कठमई क्षेत्र में जल आपूर्ति की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उनके अनुसार, समस्या यह है कि कई रहवासी अभी तक नल कनेक्शन नहीं ले रहे हैं, जिसके कारण घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
सीएमओ ने यह भी कहा कि जैसे ही लोग नगर पालिका से नल कनेक्शन लेंगे, उनके घरों में नियमित जल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोग इस दावे से संतुष्ट नहीं हैं और उनका कहना है कि प्रक्रिया और व्यवस्था दोनों को और सरल किया जाना चाहिए।
कुल मिलाकर, कठमई क्षेत्र में तैयारियों के बावजूद पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है और लोग रोजाना परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
