पुलिस के अनुसार, 8 मई की रात नीरज प्रजापति अपने साथी सूरज अहिरवार के साथ गढ़ाकोटा से लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में बोलेरो सवार 10 से 12 लोगों ने उनकी गाड़ी रोककर हमला कर दिया। लाठी-डंडों और लात-घूंसों से की गई बेरहमी से पिटाई में नीरज गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि सूरज किसी तरह जान बचाकर भाग निकला। बाद में नीरज का शव बरेठा बाबा घाटी के पास सड़क किनारे मिला, जबकि सूरज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
घटना को हादसा दिखाने की कोशिश, पुलिस जांच में खुलासा
आरोपियों ने घटना को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को सड़क किनारे फेंक दिया था। मामले में पहले ही हत्या का केस दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि तीन अन्य फरार चल रहे थे। अब मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भोपाल रोड जैसीनगर तिराहा के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।
डिजिटल सबूत और बैंक ट्रांजेक्शन से खुली फरारी की साजि
गिरफ्तार आरोपी सत्यपाल लोधी ने पूछताछ में खुलासा किया कि घटना में वह और उसके साथी शामिल थे। उसने बताया कि हत्या के बाद सभी फरार हो गए थे और बचने के लिए पैसों का ट्रांजेक्शन किया गया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि फरारी के दौरान शराब कंपनी के खाते से आरोपी ने अपने साथियों के खातों में रकम ट्रांसफर की थी। इसी डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। इसके अलावा मुख्य आरोपी के मोबाइल फोन से भी अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं, जो पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हैं।
पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने लाया गया, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
