वीडियो में हेड कांस्टेबल राधेश्याम यादव महिला को पहले जमीन पर गिराकर पीटते हुए और बाद में बाल पकड़कर मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान महिला भी विरोध में लाठी से वार करती नजर आती है। मौके पर मौजूद लोग और श्रद्धालु घटना को देखते रहे, लेकिन बीच-बचाव की कोशिश सीमित रही।
जानकारी के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल ने फूलमंडी में दुकानों को हटाने को कहा। इसी दौरान महिला दुकानदार से बहस बढ़ गई और मामला हिंसक झड़प में बदल गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार महिला लंबे समय से मंदिर क्षेत्र में फूल-माला बेचकर आजीविका चला रही थी। घटना के बाद वीडियो वायरल होने पर पुलिस प्रशासन ने जांच कराई और पीएसी ने आरोपी हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया।
इसी बीच मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो को गलत तरीके से काशी विश्वनाथ धाम परिसर से जोड़ा जा रहा है, जबकि यह घटना मंदिर परिसर के अंदर की नहीं है। प्रशासन ने इसे भ्रामक बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
साथ ही गेट नंबर-4 के बाहर अधिवक्ताओं से कथित अभद्रता और छिनैती के आरोपों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच जारी है और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
