ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत उनकी कॉलोनी को “अवैध” बताकर जिम्मेदारी से बच रही है, जबकि यहां रहने वाले परिवार वर्षों से टैक्स जमा कर रहे हैं। रहवासियों के मुताबिक गणेश कॉलोनी वर्ष 2006 में बसाई गई थी और यहां करीब 90 परिवार निवास करते हैं। इसके बावजूद आज तक स्थायी पेयजल व्यवस्था नहीं हो सकी है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिले को जल जीवन मिशन के तहत पुरस्कार मिल चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग हैं। कॉलोनी में लोग आज भी पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। कई बार पंचायत और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं निकला। हर बार कॉलोनी को अवैध बताकर मामला टाल दिया जाता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि कॉलोनी के सभी परिवारों के लिए जल्द स्थायी जल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल्द निराकरण का आश्वासन दिया है।
इसी जनसुनवाई के दौरान गंभीरपुरा ट्रस्ट को लेकर भी शिकायत सामने आई। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक ही व्यक्ति लंबे समय से ट्रस्ट के अध्यक्ष पद पर बना हुआ है और उसने अपने रिश्तेदारों को भी ट्रस्ट में शामिल कर लिया है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई।
ग्रामीणों ने एसडीएम भागीरथ वाखला को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच कराने का भरोसा दिया गया है। वहीं, खैरखेड़ा निवासी जीवन पिता जोहर सिंह ने पूर्व विधायक रविंद्र महाजन के सांई बाबा शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान के कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। अधिकारियों ने इस शिकायत पर भी जांच का आश्वासन दिया है।
