नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने एमआईसी हॉल में आयोजित जल विभाग की बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बिना मीटर और बिना टैक्स दिए पानी का उपयोग करने वाले सभी कनेक्शनों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग न सिर्फ नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि वैध उपभोक्ताओं के हिस्से का पानी भी प्रभावित कर रहे हैं।
बैठक में विशेष रूप से उन लोगों को निशाने पर लिया गया जो मोटर लगाकर मुख्य पाइपलाइन से सीधे पानी खींचते हैं। निगम के अनुसार इससे अन्य इलाकों में पानी का दबाव कम हो जाता है और कई घरों तक पर्याप्त जलापूर्ति नहीं पहुंच पाती। इसके अलावा खुले नल, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन और लगातार बहते पानी को भी गंभीर लापरवाही माना गया है।
नगर निगम ने चेतावनी दी है कि पानी की बर्बादी करते पाए जाने पर मौके पर ही जुर्माना लगाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की मांग तेजी से बढ़ गई है, जबकि जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। ऐसे में पानी की हर बूंद बचाना जरूरी हो गया है।
निगम का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य टैक्स भरने वाले वैध उपभोक्ताओं को समान रूप से पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है। कई इलाकों से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग अवैध तरीके से अधिक पानी उपयोग कर रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को परेशानी हो रही है।
नगर निगम ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि यदि उनके क्षेत्र में कहीं पानी की बर्बादी हो रही है या अवैध कनेक्शन दिखाई दे रहे हैं, तो इसकी सूचना तुरंत निगम की टीम को दें।
इस बैठक में सहायक यंत्री अशोक पाटिल, उपयंत्री सुनील चौहान, एमएमपीयूडीसी के राहुल पवार, सुरेश डोडीयार सहित जल विभाग और जेएमसी कंपनी के कई अधिकारी मौजूद रहे।
