30 अप्रैल को कोचिंग से घर लौटते समय उसे कार सवार लोगों ने कथित तौर पर अगवा कर लिया। इसके बाद उसे अलग-अलग जगहों पर बंधक बनाकर रखा गया और 16 दिनों तक प्रताड़ित किए जाने का आरोप है।
पीड़िता के बयान के अनुसार, उसे नशीले इंजेक्शन दिए गए, विरोध करने पर सिगरेट से जलाया गया और मारपीट की गई। साथ ही उसे जान से मारने की धमकी देकर दबाव बनाया गया। बाद में पुलिस ने 16 दिन बाद उसे बरामद किया और अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है।
पुलिस के अनुसार, परिजनों की शिकायत पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर चार टीमें गठित की गई थीं। जांच के बाद पीड़िता को सकुशल बरामद किया गया और कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़िता को बेहतर इलाज देने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें सक्रिय हैं।
