यह मामला करीब 46 साल पुराना है, जिसमें आरोप है कि प्रयागराज कचहरी परिसर के भीतर ही एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में विजय मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया गया था। बताया जाता है कि विजय मिश्रा भदोही जिले से विधायक रह चुके हैं और सपा तथा निषाद पार्टी से भी राजनीतिक सफर कर चुके हैं। वर्तमान में वे जेल में बंद हैं।
कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद अब सजा पर फैसला बाकी है। विशेष अदालत जल्द ही सभी दोषियों की सजा का ऐलान करेगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के गंभीर हत्या मामलों में उम्रकैद या कठोर कारावास की सजा हो सकती है।
फैसले के बाद कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
