मंदिर में पुजारी ने नवजोत सिंह सिद्धू की कलाई में रक्षासूत्र बांधा और माता भगवती के प्रसाद से उनका तिलक किया। इसके बाद पूरा परिवार वहीं बैठकर भक्ति भाव में डूब गया। इस दौरान सिद्धू ने यज्ञ में भी हिस्सा लिया और पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
मीडिया के सवालों और कैमरों से दूरी बनाते हुए सिद्धू ने साफ कहा कि यह यात्रा पूरी तरह निजी और आध्यात्मिक है। उनका किसी भी राजनीतिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है और वह यहां केवल मन की शांति और सुकून की तलाश में आए हैं। बताया जा रहा है कि वह वृंदावन में अगले कुछ दिन परिवार के साथ रुक सकते हैं और अन्य प्रमुख मंदिरों के दर्शन भी कर सकते हैं।
सिद्धू की यह यात्रा एक बार फिर उनके आध्यात्मिक झुकाव को दर्शाती है, जहां सार्वजनिक जीवन की भागदौड़ से दूर वे परिवार के साथ धार्मिक आस्था और आत्मिक शांति की ओर समय बिता रहे हैं।
