सरकारी निर्देश के अनुसार, परीक्षा वाले दिन छात्रों को बस में केवल अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा, जिसके बाद वे बिना किसी शुल्क के यात्रा कर सकेंगे। इस सुविधा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी छात्र केवल परिवहन की समस्या के कारण परीक्षा से वंचित न रह जाए।
सरकार ने इसके साथ ही जिला प्रशासन, सामाजिक संगठनों, मंदिर-मठों और स्वयंसेवी संस्थाओं से भी अपील की है कि वे परीक्षा केंद्रों और प्रमुख स्थानों पर छात्रों और अभिभावकों के लिए पानी, शरबत, सत्तू और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
इसी बीच, National Testing Agency (NTA) ने NEET-UG 2026 अभ्यर्थियों के लिए एक विशेष रिफंड पोर्टल भी शुरू किया है। इस पोर्टल के जरिए छात्र परीक्षा रद्द होने की स्थिति में अपनी फीस वापसी के लिए बैंक डिटेल्स जमा कर सकते हैं। यह सुविधा 22 मई से 27 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी।
वहीं, NEET पेपर लीक मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) द्वारा लगातार जारी है। जांच एजेंसी ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिससे अब तक गिरफ्तारियों की संख्या 11 हो चुकी है। आरोप है कि परीक्षा से जुड़े एक कर्मचारी ने प्रश्न पत्रों तक पहुंच का दुरुपयोग करते हुए कुछ सवाल पहले ही साझा किए थे।
पेपर लीक विवाद के बीच जहां एक ओर परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर छात्रों को राहत देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कई कदम उठाए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, बिहार सरकार का यह फैसला परीक्षा के दिन छात्रों की सुविधा और सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
