यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब रवि किशन एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को लेकर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान बोलचाल में उनसे “वर्क फ्रॉम होम” की जगह “होम फ्रॉम वर्क” निकल गया, जो तुरंत ही लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद “जल्दी द लेट” जैसे शब्दों ने भी लोगों का ध्यान खींचा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह क्लिप तेजी से वायरल हो गई। देखते ही देखते इस पर आधारित मीम्स की एक लंबी श्रृंखला बन गई, जिसमें लोगों ने मजाकिया अंदाज में इस बयान को अलग-अलग तरीकों से प्रस्तुत किया।
अब इस पूरे मामले पर रवि किशन ने खुद आगे आकर प्रतिक्रिया दी है। एक फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान उन्होंने इस वायरल ट्रेंड पर हल्के-फुल्के अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें खुद समझ नहीं आता कि वह अक्सर ऐसे मामलों में क्यों वायरल हो जाते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि बोलचाल के दौरान कभी-कभी जुबान फिसल जाती है और ऐसे में अनजाने में शब्दों का क्रम बदल जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह कोई मशीन नहीं हैं, बल्कि एक सामान्य इंसान हैं, जिससे गलती होना स्वाभाविक है।
रवि किशन ने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि कभी उन्हें “वर्क फ्रॉम होम” बोलना था, लेकिन गलती से “होम फ्रॉम वर्क” निकल गया और इसी तरह “जल्दी द लेट” जैसे शब्द भी जुबान से निकल गए। उन्होंने इस पूरे मामले को गंभीरता से न लेते हुए इसे मनोरंजन का हिस्सा बताया और लोगों से अपील की कि हर छोटी गलती को बड़े मुद्दे की तरह न देखा जाए।
इस दौरान उन्होंने यह भी साझा किया कि कई बार उनके राजनीतिक सहयोगी भी उनसे यह सवाल करते हैं कि वह हमेशा चर्चा में कैसे आ जाते हैं, जिस पर उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया कि शायद यह उनकी किस्मत है या फिर उनकी बेबाक शैली का परिणाम है। उनके इस आत्म-हास्य वाले अंदाज ने एक बार फिर दर्शकों का दिल जीत लिया और सोशल मीडिया पर उनकी यह प्रतिक्रिया भी तेजी से वायरल हो गई।
कुल मिलाकर यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि डिजिटल युग में किसी भी सार्वजनिक बयान की छोटी-सी चूक भी कितनी तेजी से वायरल हो सकती है। हालांकि रवि किशन ने जिस सहजता और हास्य के साथ इस स्थिति को स्वीकार किया, उसने इस पूरे विवाद को हल्का और मनोरंजक बना दिया।
