मामला जमीन की पैमाइश से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है जहां एक पीड़ित अपनी भूमि की नाप जोख और पैमाइश के काम को लेकर तहसील कार्यालय पहुंचा था पीड़ित का आरोप है कि काम को आगे बढ़ाने के लिए कानूनगो द्वारा अवैध रूप से पैसों की मांग की गई और बिना रिश्वत के फाइल आगे न बढ़ाने की बात कही गई
बताया जाता है कि शुरुआत में पीड़ित ने रिश्वत देने से इनकार किया लेकिन लगातार दबाव और काम अटकने की स्थिति के चलते वह मानसिक रूप से परेशान हो गया और अंत में उसे 12 हजार रुपये देने पर मजबूर होना पड़ा इसके बाद पीड़ित ने हिम्मत दिखाते हुए पूरी घटना की जानकारी एंटी करप्शन टीम को दे दी
सूचना मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजना बनाकर जाल बिछाया और पीड़ित को तय समय और स्थान पर भेजा जहां पहले से टीम के सदस्य निगरानी में थे जैसे ही पीड़ित ने कानूनगो को रिश्वत की रकम सौंपी और उसने पैसे अपने हाथ में लिए वैसे ही टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया
गिरफ्तारी के दौरान टीम ने रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली जिससे आरोपी के खिलाफ आरोप और मजबूत हो गए हैं इस अचानक हुई कार्रवाई से तहसील परिसर में अफरा तफरी का माहौल बन गया और अन्य कर्मचारी भी कुछ समय के लिए असहज स्थिति में नजर आए
जानकारी के अनुसार गिरफ्तार कानूनगो राजित राम शर्मा का नाम पहले भी भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है और वह पूर्व में भी रिश्वतखोरी के आरोपों में पकड़ा जा चुका है इसके बावजूद उसकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं देखा गया जिससे विभागीय कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजस्व विभाग में जमीन से जुड़े कामों को लेकर अक्सर भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रही हैं और इस तरह की घटनाएं आम जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं फिलहाल एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की विस्तृत जांच जारी है
