चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को चित्रकूट में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में कानून का राज हर हाल में दिखाई देना चाहिए। अपराध, भू-माफिया, अवैध खनन, ओवरलोडिंग और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार और प्रभावी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि जनता तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे, यही सुशासन की पहचान है।कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष जताया, लेकिन कई क्षेत्रों में गति और गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चित्रकूट धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से देश का महत्वपूर्ण केंद्र है, इसलिए यहां विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को नियमित गश्त, थाना स्तर पर निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी नेटवर्क बढ़ाने के निर्देश दिए। महिला सुरक्षा को लेकर उन्होंने मिशन शक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने तथा ग्राम पंचायत स्तर तक संवाद बढ़ाने पर बल दिया।
मंदाकिनी नदी के पुनरुद्धार, रामघाट क्षेत्र में जल संरक्षण और गड्ढामुक्त सड़कों के निर्माण पर भी मुख्यमंत्री ने विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता से ही चित्रकूट को नई पहचान मिलेगी।
स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र को बेहतर बनाने पर जोर
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने 300 शैय्याओं वाले मेडिकल कॉलेज के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित कर शीघ्र प्रस्ताव भेजने को कहा। उन्होंने आयुष्मान भारत, टीबी उन्मूलन और अस्पतालों में समय पर भुगतान की व्यवस्था पर भी जोर दिया। शिक्षा, कृषि, बैंकिंग, गोसंरक्षण और आवास योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने पात्र लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए।
