झांसी। बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर बुधवार को रेलवे ठेकेदार के अधीन कार्यरत मजदूरों ने डीआरएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में मजदूरों ने अर्धनग्न होकर रेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और लंबित वेतन के भुगतान की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने “रेल प्रशासन हाय-हाय”, “शोषण बंद करो”, “रेलवे एवं कंपनी निजी कर्मचारियों को न्याय दो” जैसे नारों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया। मजदूरों का आरोप था कि रेल प्रशासन ने पूर्व में बकाया वेतन भुगतान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस अवसर पर प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि मजदूरों को उनका मेहनताना समय पर मिलना चाहिए, क्योंकि यह उनका संवैधानिक और नैतिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि रेल प्रशासन ने पहले भी वेतन भुगतान का भरोसा दिलाया था, लेकिन आश्वासन के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यही कारण है कि मजदूरों को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि अब केवल मौखिक नहीं बल्कि लिखित आश्वासन की आवश्यकता है। जब तक मजदूरों की मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि उनका करीब तीन माह पंद्रह दिन यानी साढ़े तीन माह का वेतन बकाया है। वेतन न मिलने से परिवारों के सामने रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों ने लंबित वेतन का तत्काल एकमुश्त भुगतान करने, न्यूनतम वेतनमान लागू करने तथा भविष्य में समय पर वेतन भुगतान की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने “रोटी, कपड़ा और मकान, वेतन है मजदूर की जान”, “शोषण का अब खेल न रहेगा, मजदूर अब चुपचाप नहीं सहेगा” और “जब तक वेतन नहीं, तब तक चैन नहीं” जैसे नारे लगाए। इस दौरान योगेश राना ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन मजदूर अपनी मांगों पर अड़े रहे।
काफी देर तक चले प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद अपर मंडल रेल प्रबंधक द्वारा समस्या के समाधान का आश्वासन दिए जाने पर प्रदर्शन समाप्त हुआ। हालांकि मजदूरों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।
