जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों व पत्रकारों से किया संवाद
झांसी। कानपुर जोन की अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अनुपम कुलश्रेष्ठ ने मंगलवार को झांसी का दौरा कर जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, पत्रकारों और पुलिस अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर उनकी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

पुलिस लाइन पहुंचने पर एडीजी का पुलिस गार्द द्वारा औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें सलामी दी गई। इसके बाद पुलिस लाइन सभागार में आयोजित संवाद कार्यक्रम में उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा और नागरिक समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जनता से प्राप्त सुझाव पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होते हैं तथा इन पर गंभीरता से कार्य किया जाएगा।

व्यापारी प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में एडीजी ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा, चोरी एवं अन्य अपराधों की रोकथाम और व्यापारियों से जुड़ी सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापारियों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
पत्रकारों से संवाद करते हुए एडीजी ने पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज और पुलिस के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो जनहित से जुड़े मुद्दों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने निष्पक्ष और तथ्यात्मक संवाद को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक बताया।
दौरे के दौरान एडीजी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण कर जनसुनवाई भी की। उन्होंने फरियादियों की शिकायतें सुनकर संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली की समीक्षा की।
उन्होंने पंडित दीनदयाल सभागार में आयोजित “ऑपरेशन जागृति एवं साइबर क्राइम अवेयरनेस कार्यक्रम” का शुभारंभ भी किया। कार्यक्रम में महिलाओं के प्रति हिंसा की रोकथाम, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया बुलिंग, नशे के दुष्प्रभाव, कानूनी अधिकारों और विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई। साइबर विशेषज्ञ अमित दुबे ने साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इसके अलावा एडीजी ने थाना कोतवाली का औचक निरीक्षण कर थाना परिसर, सीसीटीएनएस कक्ष, साइबर सेल, महिला हेल्प डेस्क, शस्त्रागार, मालखाना, बैरक और भोजनालय का निरीक्षण किया। बाद में उन्होंने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक कर अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, लंबित विवेचनाओं और जनसुनवाई की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को जनता की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने पर विशेष बल दिया।
वांछित सटोरिए लिस्ट से डिलीट नहीं हुए
उन्होंने कहा- झांसी में सट्टे पर जो कार्रवाई हुई है। उसका मैंने खुद संज्ञान लिया है और केस की पूरी स्टडी कर ली है। जो लोग वांटेट है, वो हमारी लिस्ट से डिलीट नहीं हुए हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इसमें जो भी लोग शामिल है, किसी को बक्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा- झांसी में सट्टा, साइबर क्राइम खासकर कृप्टो करंसी पर जो कार्रवाई हुई है, वो बहुत सराहनीय है। इसलिए मैंने एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति और सहायक पुलिस अधीक्षक अरीबा नोमान को प्रशस्त्रि पत्र दिया है।
