सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र सेवा का संकल्प: झाँसी महानगर में संघ का ‘वर्ष प्रतिपदा’ उत्सव
झाँसी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा नव संवत्सर और संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी के प्रकट उत्सव (जन्म जयंती) के अवसर पर झाँसी महानगर के विभिन्न नगरों में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। दीनदयाल, वासुदेव, छत्रसाल, शिवाजी, माधव, सारंधरा, विश्वकर्मा, बबीना, दुर्ग एवं खंड बबीना में स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में अनुशासित पथ संचलन और प्रकट उत्सव मनाकर अपनी सांगठनिक शक्ति और सांस्कृतिक निष्ठा का परिचय दिया।

बताते चलें कि दीनदयाल नगर के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित कानपुर प्रांत के सह प्रांत प्रचारक मुनीश ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू नव वर्ष हमारी गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने जोर दिया कि संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक समाज के जागरण का माध्यम है। राष्ट्र को परम वैभव पर ले जाने के लिए हमें व्यक्ति निर्माण के कार्य को और अधिक गति देनी होगी।

शिवाजी नगर के उत्सव में झाँसी विभाग के विभाग प्रचारक मनोज ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ. हेडगेवार जी ने जिस राष्ट्रभक्ति के बीज को बोया था, आज वह वटवृक्ष बनकर समाज को दिशा दे रहा है। वर्ष प्रतिपदा हमें आत्मनिरीक्षण और संकल्प लेने का अवसर देती है कि हम राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए सदैव तत्पर रहें।

सीपरी नगर के हीरोज ग्राउंड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में विभाग कार्यवाह धर्मेंद्र ने कहा कि वर्ष प्रतिपदा हमारी सांस्कृतिक चेतना का आधार है। उन्होंने परिवार प्रबोधन पर बल देते हुए कहा कि “हमें विचार करने की आवश्यकता है कि क्या हम अपने बुजुर्ग माता-पिता और परिवार के प्रति अपने दायित्वों का सही ढंग से पालन कर रहे हैं? जब परिवार संस्कारित और मजबूत होगा, तभी राष्ट्र परम वैभव को प्राप्त करेगा। संघ कार्य ईश्वरीय कार्य है जो जीवनपर्यंत चलने वाला साधना मार्ग है।
*एकता और अनुशासन का संगम*
सभी नगरों के कार्यक्रमों में स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में अपेक्षित होकर ‘आद्य सरसंघचालक प्रणाम’ श्रद्धापूर्वक निवेदित किया। कार्यक्रमों में सभी नगरों की नगर कार्यकारिणी के साथ पूर्ण गणवेश में सैकड़ों की संख्या में स्वयंसेवक बंधु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन संघ की प्रार्थना “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” के साथ हुआ, जिसके उपरांत सभी ने राष्ट्र की उन्नति के लिए कार्य करने का संकल्प दोहराया।
