प्रयागराज के करेली इलाके में बारिश का पानी लोगों के घरों के भीतर तक पहुंच गया है। कई मकानों में करीब दो फीट तक पानी भर गया है। पानी बढ़ने के कारण घरों में रखा बेड सोफा और दूसरे जरूरी सामान भी प्रभावित हुए हैं। कुछ परिवारों को मजबूरी में घर की पहली मंजिल या छत पर शरण लेनी पड़ी है। लगातार बारिश के कारण इलाके के लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। वहीं रामबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर भी बारिश का पानी जमा हो गया जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। घाटों के किनारे बने कई मंदिरों में गंगा का पानी प्रवेश कर गया है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के शवदाह स्थल भी जलमग्न हो गए हैं। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए घाट के ऊपरी हिस्से का इस्तेमाल किया जा रहा है। नमो घाट की सीढ़ियां भी पानी में डूब गई हैं। गंगा का पानी लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन ने लोगों को नदी के किनारे जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की है। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली प्रसिद्ध गंगा आरती भी अब घाट के ऊपरी हिस्से और छत पर कराई जा रही है।
गोंडा में घाघरा नदी के उफान ने ग्रामीण इलाकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले के पांच गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं और नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में मवेशियों के लिए पहुंचाए गए सूखे भूसे को लेकर भी अफरा तफरी का माहौल देखने को मिला। भूसा लेने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। बाद में पुलिस की मौजूदगी में भूसे का वितरण कराया गया ताकि सभी जरूरतमंद लोगों तक चारा पहुंच सके।
लखनऊ में भी पिछले चार दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है। बुधवार सुबह राजधानी के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। इसके अलावा बाराबंकी समेत कई जिलों में बूंदाबांदी दर्ज की गई। आगरा वाराणसी कानपुर समेत प्रदेश के 40 से अधिक शहरों में सुबह बादल छाए रहे हालांकि बाद में कुछ इलाकों में धूप निकल आई। इसके बावजूद मौसम विभाग ने प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रयागराज गोंडा कौशांबी गाजीपुर और भदोही में 12वीं कक्षा तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। वहीं जौनपुर सोनभद्र और मिर्जापुर में आठवीं कक्षा तक के स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन लगातार जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक हवा में कम दबाव का क्षेत्र बनने मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने और बंगाल की खाड़ी से बड़ी मात्रा में नमी आने के कारण मानसून सक्रिय हुआ है। उनके अनुसार 23 अगस्त तक मानसूनी गतिविधियों में तेजी बनी रह सकती है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव वाले सिस्टम के प्रभाव से बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है। 20 और 21 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
ऐसे में अगले कुछ दिन उत्तर प्रदेश के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। नदियों का बढ़ता जलस्तर बारिश और जलभराव पहले ही कई जिलों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा चुका है। प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और नदियों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों की नजर अब आने वाले दिनों की बारिश पर टिकी है क्योंकि लगातार बारिश से हालात और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है।
