नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के झांसी में चर्चित संजय सिंह उर्फ संजू हत्याकांड में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए कथित मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे जमीन के कारोबार, पैसों के लेनदेन और पुराने विवाद से उपजा बदले का भाव मुख्य कारण था। मामले में अभी भी तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
इलाइट चौराहे के पास स्थित एक रेस्तरां में हुई इस हत्या के बाद पुलिस ने कई स्तरों पर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने घटना की कड़ियों को जोड़ा। जांच के दौरान पुलिस टीम कोछाभांवर क्षेत्र पहुंची, जहां मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथ मौजूद दूसरे आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में पुलिस को हत्या की साजिश से जुड़े कई अहम तथ्य मिले। जांच एजेंसियों के अनुसार संजय सिंह और आरोपियों के बीच लंबे समय से जमीन के कारोबार और आर्थिक लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इसके अलावा एक पुराने विवाद के दौरान सार्वजनिक रूप से हुए अपमान ने आरोपियों के मन में बदले की भावना को और गहरा कर दिया। पुलिस का दावा है कि इसी के बाद हत्या की योजना तैयार की गई।
जांच में यह भी सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के लिए कई लोगों की भूमिका तय की गई थी। पुलिस के अनुसार मुख्य शूटर को घटना स्थल तक बाइक से पहुंचाया गया, जहां उसने रेस्तरां के भीतर संजय सिंह पर गोली चलाई। वारदात के तुरंत बाद आरोपी पहले से तय रास्ते से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया और उनके भागने के संभावित मार्ग की पुष्टि की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संजय सिंह पिछले करीब एक दशक से जमीन के कारोबार से जुड़े थे। शुरुआती दौर में उनका कारोबार कुछ आरोपियों के साथ साझेदारी में चलता था, लेकिन समय के साथ पैसों के बंटवारे और संपत्ति संबंधी मामलों को लेकर मतभेद बढ़ते गए। यही विवाद बाद में आपसी दुश्मनी में बदल गया और अंततः हत्या जैसी गंभीर वारदात तक पहुंच गया।
जांच के दौरान पुलिस ने पुराने विवादों, मोबाइल रिकॉर्ड, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध प्रमाणों का भी विश्लेषण किया। अधिकारियों का कहना है कि इन साक्ष्यों के आधार पर साजिश की परतें धीरे-धीरे खुलती गईं। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और उनका मानना है कि जल्द ही पूरे मामले का पूर्ण खुलासा कर दिया जाएगा।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों तथा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा रही है ताकि हत्या की पूरी साजिश में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके।
