नई दिल्ली।झांसी में गुरुवार को भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने शहर को तपते तंदूर में बदल दिया। मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जिले में रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद प्रशासन और नगर निगम भी अलर्ट मोड में नजर आए। दोपहर होते-होते सड़कें सूनी पड़ गईं और जरूरी काम से निकलने वाले लोग भी सिर और चेहरा पूरी तरह ढंककर चलते दिखाई दिए।
गर्मी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुबह के समय ही तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था, जबकि दिन में इसके 47 डिग्री तक जाने की संभावना जताई गई। फिलहाल जिले का अधिकतम तापमान 45.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से काफी अधिक है। लगातार बढ़ती गर्मी और हीट वेव के चलते आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
लोगों को राहत पहुंचाने के लिए नगर निगम ने अनोखी पहल करते हुए शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों पर आर्टिफिशियल बारिश और फव्वारों की व्यवस्था शुरू की है। कई जगह पानी का छिड़काव कराया जा रहा है ताकि राहगीरों को झुलसाती गर्मी से कुछ राहत मिल सके। चौराहों पर लगाए गए फव्वारों के पास लोग कुछ देर रुककर राहत महसूस करते दिखाई दिए।
पिछले पांच दिनों से झांसी के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बुधवार को भी अधिकतम तापमान 45.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जबकि न्यूनतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रात के समय भी गर्म हवाओं के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक हीट वेव का असर जारी रहने की चेतावनी दी है।
भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि बेहद जरूरी काम होने पर ही लोग बाहर जाएं और पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ तथा अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। लोगों के मोबाइल फोन पर भी लगातार अलर्ट संदेश भेजे जा रहे हैं, जिनमें गर्मी से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि दोपहर के समय खेतों में काम करने से बचें और शरीर को पूरी तरह ढककर ही बाहर निकलें। लगातार बढ़ते तापमान ने न सिर्फ शहरवासियों बल्कि किसानों और मजदूरों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।
