
नई दिल्ली । आषाढ़ मास अमावस्या के अवसर पर चित्रकूट में लगने वाले विशाल धार्मिक मेले को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पीयूषकान्त राय ने रामघाट, निर्मोही अखाड़ा तथा पूरे मेला क्षेत्र का व्यापक भ्रमण कर सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी का जायजा लिया तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एएसपी ने विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर मौजूद पुलिस बल से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की और यह सुनिश्चित किया कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी अपने निर्धारित दायित्वों का पूरी गंभीरता से पालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिसकर्मी पूरी सतर्कता के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं और किसी भी स्थिति में लापरवाही न बरतें। साथ ही श्रद्धालुओं से विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि धार्मिक आयोजन के दौरान लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रामघाट क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए एएसपी ने विशेष रूप से नदी किनारे तैनात पुलिस बल को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी श्रद्धालु को गहरे पानी में जाने की अनुमति नहीं दी जाए और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जाए। यदि किसी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो तत्काल नावों की सहायता से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाए, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते टाला जा सके।
एएसपी ने मेला क्षेत्र में संचालित सभी नाविकों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक नाव में पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि नाव में बैठने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को यात्रा शुरू होने से पहले लाइफ जैकेट पहनाई जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा नियमों का पालन किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और नाव संचालन के दौरान निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए।
बरसात के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने पर भी जोर दिया है। एएसपी ने कहा कि वर्षा के कारण किसी भी समय नदी का जलस्तर बढ़ सकता है अथवा बहाव तेज हो सकता है। ऐसे में पुलिस बल, नाविकों और संबंधित कर्मचारियों को हर समय अलर्ट मोड में रहना होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखें और किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तुरंत आवश्यक कदम उठाए जाएं।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आषाढ़ी अमावस्या मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, घाटों की निगरानी और आपदा से निपटने की तैयारियों को मजबूत किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास और सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन से मेला शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराया जा सकेगा।
