डीएम ने कहा कि सभी निर्माण स्थलों पर निरीक्षण पुस्तिका अनिवार्य रूप से रखी जाए, जिसमें नियमित निरीक्षण का रिकॉर्ड दर्ज हो। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर सख्ती बरतते हुए कहा कि सामग्री की जांच जनपद से बाहर न भेजकर स्थानीय प्रमाणित संस्थाओं से ही सैंपलिंग कराई जाए, ताकि समय की बचत हो और काम में देरी न हो।
उन्होंने भवन निर्माण में डिजाइन और सौंदर्य पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि टाइलिंग में एक ही रंग की बजाय स्कर्टिंग और बॉर्डर के लिए अलग-अलग रंगों का प्रयोग किया जाए तथा वॉशरूम में मैट टाइल्स लगाई जाएं, जबकि सफेद टाइल्स का उपयोग न किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने श्रीराम वाटिका इको पार्क में पौधरोपण कराने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए। परिक्रमा मार्ग में कार्य पूरा होने के बाद तुरंत मलबा हटाने और लापरवाही करने वाले ठेकेदारों पर जुर्माना लगाने के भी आदेश दिए गए।
डीएम ने यह भी कहा कि किसी भी नई परियोजना के शिलान्यास और शुभारंभ में जनप्रतिनिधियों को जरूर आमंत्रित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यों में देरी या लापरवाही बरतने वाली संस्थाओं और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
