नई दिल्ली । बुंदेलखंड क्षेत्र की लंबे समय से प्रतीक्षित महोबा-भिंड रेलवे लाइन परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। परियोजना के फाइनल लोकेशन सर्वे के लिए धनराशि स्वीकृत होने के बाद रेलवे लाइन के विस्तृत सर्वे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इस रेल परियोजना का उद्देश्य महोबा, हमीरपुर, जालौन और भिंड सहित कई क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराना है, जिससे क्षेत्रीय विकास और आवागमन को नई गति मिल सके।
प्रस्तावित रेलवे लाइन की कुल लंबाई लगभग 217 किलोमीटर बताई गई है। यह परियोजना लंबे समय से स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की प्रमुख मांग रही है। क्षेत्र के कई गांव और कस्बे अब भी सीधी रेल सुविधा से वंचित हैं। नई लाइन बनने से इन इलाकों को पहली बार व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार महोबा, उरई और भिंड को प्रमुख जंक्शन के रूप में विकसित किए जाने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा उमरी, बोनापुरा, चतरथ, माधोगढ़, बंगरा, डकोर, वीरपुरा, जालौन, सरसोकी, रिहुंटा, धमना, गोहांड, राठ, कुरारा, सबुआ और चरखारी सहित कई स्थानों पर नए रेलवे स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। अंतिम संख्या और स्थान फाइनल सर्वे रिपोर्ट के बाद ही तय किए जाएंगे।
परियोजना के समर्थकों का मानना है कि नई रेलवे लाइन बनने से बुंदेलखंड के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों को आर्थिक एवं सामाजिक विकास का नया अवसर मिलेगा। कृषि, व्यापार, उद्योग और स्थानीय उत्पादों के परिवहन को भी इससे बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और यात्रियों के लिए आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकेगा।
परियोजना के संबंध में जनप्रतिनिधियों ने समय-समय पर रेल मंत्रालय के समक्ष क्षेत्र की जरूरतों को उठाया था। इसके बाद रेलवे अधिकारियों द्वारा प्रारंभिक स्तर पर निरीक्षण और सर्वे की प्रक्रिया पूरी की गई। अब फाइनल लोकेशन सर्वे के बाद रेलवे लाइन की सटीक दिशा, स्टेशन, जंक्शन और अन्य तकनीकी पहलुओं का निर्धारण किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, परियोजना के लिए बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के समानांतर वैकल्पिक रूट पर भी विचार किया जा सकता है। यदि तकनीकी और आर्थिक दृष्टि से यह विकल्प उपयुक्त पाया जाता है तो रेलवे लाइन को एक्सप्रेसवे के आसपास से भी विकसित किया जा सकता है। इससे भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य में भी सुविधा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल यह परियोजना अंतिम सर्वे के चरण में है और इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृतियां दी जाएंगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित यह रेल परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ेगी और भविष्य में बुंदेलखंड के कई जिलों को आधुनिक रेल संपर्क उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
