नई दिल्ली।उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में किसी भी मरीज को बाहर की दवा लिखना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई चिकित्सक अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बजाय मरीजों को बाजार से दवा खरीदने के लिए लिखता पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए समय पर मांग पत्र भेजने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण और लाभार्थियों को ‘मंत्रा ऐप’ के माध्यम से समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ समय पर पात्र महिलाओं तक पहुंचना चाहिए और भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भुगतान में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ब्लॉक लेखा प्रबंधकों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पात्र परिवारों के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने और व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजना से जोड़कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
गर्भवती महिलाओं के पोर्टल पर समय पर विवरण दर्ज नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने कबरई, अर्बन क्षेत्र और पनवाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारियों को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी रिकॉर्ड निर्धारित समय के भीतर अपडेट किए जाएं, ताकि लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
मानसून के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान को पूरी गंभीरता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों को बीमारियों की रोकथाम और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने को कहा। इसके साथ ही नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के समन्वय से नियमित फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि मौसमी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आनी चाहिए और राज्य स्तर पर महोबा की रैंकिंग बेहतर बनाए रखने के लिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सभी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बलराम कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
