पीड़ित जहीर अहमद, जो मानसिक रूप से दिव्यांग हैं, के नाम दर्ज जमीन को कथित तौर पर राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से दूसरे व्यक्ति के नाम कर दिया गया। आरोप है कि इसी गांव के कुछ लोगों ने समान नाम वाले एक मृत व्यक्ति के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर यह पूरा फर्जीवाड़ा किया।
कैसे हुआ पूरा फर्जीवाड़ा?
जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने मृत जहीर अहमद उर्फ जहीर खान के मृत्यु प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करते हुए जीवित जहीर अहमद की जमीन को अपने नाम ट्रांसफर करा लिया। इस प्रक्रिया में लेखपाल और कानूनगो की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि रिकॉर्ड में पीड़ित की पत्नी और तीन बेटों का भी जिक्र कर दिया गया, जबकि वह अविवाहित हैं।
खुलासा कैसे हुआ?
पूरा मामला तब सामने आया जब पीड़ित के परिजन जमीन की खतौनी निकलवाने पहुंचे। दस्तावेजों में अलग नाम देखकर परिवार के होश उड़ गए। शिकायत और विरोध के बाद प्रशासन ने जल्दबाजी में रिकॉर्ड सुधार कर जमीन दोबारा जहीर अहमद के नाम दर्ज कर दी।
जांच के आदेश
मामले की शिकायत जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से की गई है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और संबंधित एसडीएम को जांच सौंपी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगाा।
