झांसी। मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में बुधवार को एक गंभीर हादसा होते-होते टल गया, जब वॉर्ड में संचालित लिफ्ट का तार अचानक टूट गया और लिफ्ट जोरदार आवाज के साथ नीचे आ गिरी। घटना में 14 तीमारदार सवार थे, जिनमें से एक को मामूली चोट आई, जबकि बाकी लोग सुरक्षित बच निकले। इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा अपराह्न करीब 3:30 बजे लाल बिल्डिंग स्थित लिफ्ट में हुआ। तीसरी मंजिल पर स्थित वॉर्ड नंबर 8 में भर्ती मरीजों से मिलकर लौट रहे तीमारदार लिफ्ट से नीचे आ रहे थे। इस दौरान निर्धारित क्षमता से अधिक लोग, करीब 14 तीमारदार, जबरन लिफ्ट में सवार हो गए। मौके पर तैनात लिफ्ट गार्ड ने ओवरलोड होने की चेतावनी देते हुए लोगों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं मानी और गेट बंद कर लिफ्ट चालू कर दी।
बताया गया कि लिफ्ट पहली मंजिल तक पहुंची ही थी कि अचानक उसका तार टूट गया, जिससे लिफ्ट तेज झटके के साथ नीचे गिर गई और ग्राउंड फ्लोर पर जोरदार धमाके के साथ आकर टकराई। इस दौरान लिफ्ट के अंदर चीख-पुकार मच गई। किसी तरह लोगों ने गेट खोलकर बाहर निकलकर जान बचाई।
हादसे में पचकुइयाँ निवासी नौशाद नामक तीमारदार को हल्की चोट आई, जिसे तुरंत उपचार दिया गया और बाद में वह घर चला गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस घटना ने अस्पताल में लिफ्टों की मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने प्रशासन से नियमित जांच और सख्त निगरानी की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
इनका है कहना
इस सम्बन्ध में मेडिकल कॉलेज सीएमएस डा. सचिन माहौर ने बताया कि लिफ्ट में 8 की जगह एक ही परिवार के 14 लोग घुस गये थे। ओवरलोड होने के चलते लिफ्ट टूट गई। हालांकि एक व्यक्ति के घायल होने की पुष्टि हुई है। लेकिन किसी कार्रवाई के लिए कोई पहल नहीं की गई।
