झांसी । झांसी में महिला प्रधान के बेटे संजय सिंह उर्फ संजू की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य शूटर को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार सुबह नई जेडीए कॉलोनी के पास हुई कार्रवाई में आईटीआई सिद्धेश्वर नगर निवासी हुसैन उर्फ खड्डा के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी जितेंद्र उर्फ जीतू यादव मौके से भाग निकला। हुसैन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले सात दिनों से फरार था। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, दो खोखे और एक बाइक बरामद की गई है। हुसैन के खिलाफ चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट समेत पांच आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि हुसैन और उसका साथी मेडिकल बाइपास से मुस्तरा रोड की ओर जा रहे हैं। घेराबंदी के दौरान खुद को घिरता देख हुसैन ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी फरार होने में सफल रहा।
इससे पहले रविवार रात करगुवांजी क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान अजीम सैफी उर्फ भीम और धर्मेंद्र सिंह परिहार को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अभी भी दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
जांच में सामने आया कि संजय सिंह की हत्या पुरानी रंजिश और जमीन विवाद के कारण कराई गई थी। पुलिस के मुताबिक संजय, धर्मेंद्र परिहार और अजय यादव प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़े थे। धर्मेंद्र का आरोप था कि संजय ने उसकी करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य की जमीन पर कब्जा कर लिया था। वहीं अजय यादव के साथ भी जमीन को लेकर विवाद चल रहा था और उस पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की गई थी।
इन्हीं विवादों के चलते धर्मेंद्र और अजय ने अपने रिश्तेदार जितेंद्र यादव, अजीम सैफी और हुसैन को संजय की हत्या की सुपारी दी थी। आरोपियों को 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे और बाकी रकम वारदात के बाद देने की बात तय हुई थी।
23 जुलाई की रात संजय अपने दोस्तों के साथ इलाइट चौराहे के पास स्थित एक रेस्टोरेंट में खाना खा रहा था। उसी दौरान उसके दोस्त धर्मेंद्र ने आरोपियों को उसकी मौजूदगी की जानकारी दी। इसके बाद हुसैन रेस्टोरेंट के अंदर पहुंचा और संजय के सिर पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए जाने के बाद उसकी मौत हो गई।
संजय गरौठा क्षेत्र के हैवतपुरा गांव का निवासी था और उसकी मां रामदेवी गांव की प्रधान हैं। वह पिछले छह वर्षों से झांसी में रहकर वकालत से जुड़े काम कर रहा था। हत्या के बाद पुलिस ने साजिश का खुलासा करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
