राष्ट्रीय हिन्दी विज्ञान सम्मेलन के दूसरे दिन विज्ञान व अध्यात्म पर मंथन
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में आयोजित राष्ट्रीय हिन्दी विज्ञान सम्मेलन के दूसरे दिन विचारों का समृद्ध संगम देखने को मिला। मुख्य अतिथि प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि विज्ञान के प्रसार में हिंदी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके माध्यम से वैज्ञानिक ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि विज्ञान को सरल भाषा में समाज तक पहुंचाकर देश के विकास को गति दी जा सकती है। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण और सनातन मूल्यों के संरक्षण पर भी बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुकेश पाण्डेय ने कहा कि युवाओं में वैज्ञानिक और आध्यात्मिक चेतना का विकास इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य है। विशिष्ट वक्ता डॉ. पी.के. वर्मा ने विज्ञान और ज्ञान के संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान ने अनेक उपलब्धियां दी हैं, लेकिन आध्यात्म के साथ समन्वय आवश्यक है। पूर्व वन संरक्षक डॉ. पी.सी. दुबे ने क्वांटम भौतिकी और अध्यात्म के संबंध को उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

स्वामी प्रबुद्धानंद ने श्रीमद्भगवद्गीता के संदर्भ में यज्ञ और कर्म की व्याख्या करते हुए समाजहित में कार्य करने का संदेश दिया। वहीं डॉ. एस.पी. गौतम ने रामायण में निहित वैज्ञानिक तथ्यों पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। सम्मेलन में एच.सी. वर्मा सहित कई प्रख्यात विद्वान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अंजली सक्सेना ने किया तथा अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की भागीदारी रही।

रंगारंग प्रस्तुतियों से सजी सांस्कृतिक संध्या, विद्यार्थियों ने बांधा समां
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय हिन्दी विज्ञान सम्मेलन के दूसरे दिन गांधी सभागार में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत रजत श्रीवास्तव के बांसुरी वादन से हुई। इसके बाद छात्राओं ने ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ गीत प्रस्तुत कर समां बांधा। वंशिका ने ‘छाप तिलक’ पर नृत्य और प्रियांशी गुप्ता ने पियानो पर ‘अच्युतम केशवम’ की धुन से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।

स्वामी विवेकानंद स्कूल के विद्यार्थियों ने रानी लक्ष्मी बाई के जीवन पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत कर सभागार को भाव-विभोर कर दिया। बीटेक छात्र कनिष्क ने फिल्मी गीत पर प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में रंग भर दिए। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सम्मेलन समन्वयक प्रो. डी.के. भट्ट सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
