नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के झांसी मंडल से जुड़े ललितपुर जिले में बच्चों के बीच हुए मामूली विवाद ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। पड़ोसियों के बीच बढ़ा विवाद कथित तौर पर हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें पत्थर लगने से गंभीर रूप से घायल हुई दो वर्षीय बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धाराएं बढ़ाने की बात कही है।
घटना ललितपुर कोतवाली क्षेत्र के जिजियावन गांव की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार 15 जुलाई को परिवार का चार वर्षीय बच्चा घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान उसका पड़ोस की एक बच्ची से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल दोनों बच्चों को समझाकर मामला शांत करा दिया और उस समय किसी बड़े विवाद की स्थिति नहीं बनी।
परिजनों का आरोप है कि उसी रात पड़ोसी पक्ष के कुछ लोग शराब के नशे में उनके घर पहुंच गए। उन्होंने घर में मौजूद महिलाओं और अन्य परिजनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि लाठी-डंडों से हमला करने के बाद हमलावरों ने पत्थरबाजी भी की। इसी दौरान एक पत्थर घर में मौजूद दो वर्षीय बच्ची के पेट में लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य बच्ची को पहले स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। कई दिनों तक चले उपचार के बावजूद चिकित्सक उसे बचा नहीं सके और शनिवार को उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और गांव में भी शोक का माहौल फैल गया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि मारपीट की घटना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। उनके अनुसार पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रारंभिक स्तर पर अपेक्षाकृत हल्की धाराओं में मामला दर्ज किया था। परिवार का आरोप है कि यदि शुरुआत में ही सख्त कार्रवाई की जाती तो आरोपियों पर प्रभावी दबाव बनता और मामले को अधिक गंभीरता से लिया जाता।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के बाद शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर घायलों का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया था। उस समय बच्ची की स्थिति अलग थी और बाद में तबीयत बिगड़ने पर उसे दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु होने के बाद पूरे मामले की दोबारा समीक्षा की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट मिलने के बाद मुकदमे में आवश्यक कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी। साथ ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है ताकि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
यह घटना एक बार फिर इस बात की गंभीर याद दिलाती है कि छोटे बच्चों के बीच होने वाले सामान्य विवाद यदि समय रहते संयम और समझदारी से नहीं संभाले जाएं, तो वे बड़े और दुखद घटनाक्रम का रूप ले सकते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय कानूनी प्रक्रिया का सहारा लें, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
