झांसी। झांसी नगर निगम के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आखिरकार करीब साढ़े तीन वर्ष के लंबे इंतजार के बाद 10 मनोनीत पार्षदों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इस अवसर पर महापौर बिहारीलाल आर्य ने सभी पार्षदों को शपथ दिलाई। शपथ लेने वालों में धर्म करौसिया, कमलेश कुसुम कुशवाहा, सुनील विश्वकर्मा, निलेश त्रिपाठी, सत्यकाम पुरोहित, संजय वाल्मीकि, प्रह्लाद प्रजापति, आदर्श गुप्ता, वरुण जैन और प्रीति माहौर शामिल रहे।
कार्यक्रम निर्धारित समय से लगभग 45 मिनट की देरी से शुरू हुआ। जहां एक ओर पार्षदों और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर कुछ अव्यवस्थित पल भी सामने आए। शपथ ग्रहण के दौरान पार्षद कमलेश कुसुम कुशवाहा समेत एक अन्य सदस्य शपथ पत्र देखते हुए भी सही ढंग से पढ़ नहीं पाए। दो बार गलती होने पर महापौर ने हस्तक्षेप किया और स्वयं शपथ पढ़ते हुए उन्हें दोहराने के लिए कहा।
उत्साह का आलम यह रहा कि कुछ पार्षद शपथ लेने के बाद आवश्यक औपचारिकता—हस्ताक्षर करना—भी भूल गए। कार्यक्रम का संचालन कर रहीं राष्ट्रपति पदकधारी डॉ. नीति शास्त्री ने उन्हें वापस बुलाकर हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी करवाई। इसके अलावा मंच संचालन के दौरान संबोधन को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी रही। जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह को बोलने का अवसर दिया गया, जबकि एमएलसी रामतीर्थ सिंघल और रमा निरंजन अपनी बारी की प्रतीक्षा करते रह गए।
कार्यक्रम के अंत में महापौर बिहारीलाल आर्य ने सभी नवमनोनीत पार्षदों को बधाई देते हुए कहा कि अब नगर निगम सदन की संख्या पूर्ण हो गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी सदस्य मिलकर शहर के विकास और जनहित के कार्यों को गति देंगे। इस मौके पर नगर निगम के अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
