झांसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने बुंदेलखंड आयुर्वेदिक कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं और छात्र समस्याओं को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्राचार्य रामकृष्ण राठौर को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी।
महानगर मंत्री सुयश शुक्ला ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन लंबे समय से छात्रों की समस्याओं की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों को डराने और दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है ताकि प्रशासन की कमियां उजागर न हो सकें। परिषद लगातार कॉलेज प्रशासन को समस्याओं से अवगत कराता रहा, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण कार्यकर्ताओं को विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।
ज्ञापन में परिषद ने कॉलेज और हॉस्टल से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं का उल्लेख किया। इसमें इंटर्न छात्रों के लिए शासन के प्रावधानों के अनुसार उचित हॉस्टल व्यवस्था, जर्जर भवनों की मरम्मत, सभी छात्रों के लिए सुरक्षित आवास, स्वच्छ कैंटीन, पेयजल, बिजली, शौचालय और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग की गई।
इसके अलावा कॉलेज और हॉस्टल परिसर के आसपास फैली झाड़ियों की सफाई कराने, नियमित कक्षाओं एवं प्रयोगात्मक कार्यों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा छात्रों की आवाज उठाने पर मानसिक प्रताड़ना बंद करने की भी मांग की गई।
विद्यार्थी परिषद ने कॉलेज गेट पर संचालित सिगरेट की दुकान और महाविद्यालय से करीब 250 मीटर दूरी पर खुली शराब की दुकान पर भी आपत्ति जताई। परिषद का कहना है कि शैक्षणिक संस्थान के एक किलोमीटर के दायरे में मदिरा की दुकान नहीं होनी चाहिए, इससे कॉलेज का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है।
प्राचार्य रामकृष्ण राठौर ने परिषद के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं के समाधान के लिए सोमवार तक आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस दौरान विभाग संगठन मंत्री निर्भय प्रताप, जिला संगठन मंत्री आकाश सिंह, महानगर सह मंत्री कल्याण चौधरी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
